अन्तर्राष्ट्रीय

पेशावर की कपूर हवेली म्यूज़ियम बनेगी या कॉमर्शियल कॉमप्लेक्स.?

राज कपूर के परिवार का पेशावर से रिश्ता अब तक क़ायम है और इसकी एक बड़ी वजह कपूर परिवार की ऐतिहासिक हवेली है जो अंदरूनी पेशावर शहर में स्थित है.यह हवेली अब बहुत ही जर्जर हालत में है और इस हवेली के मौजूदा मालिक इस हवेली को गिरा कर यहां एक प्लाज़ा बनाना चाहते हैं.लेकिन पाकिस्तान का पुरातत्व विभाग इसे गिराने की तीन कोशिशों को नाकाम बना चुका है.पेशावर के ऐतिहासिक बाज़ार क़िस्सा ख़्वानी में ढकी मोनव्वर शाह स्थान पर एक बड़ी हवेली अब तक ऐतिहासिक विरासत की एक निशानी है. वैसे तो इस हवेली की अपनी एक अहमियत है लेकिन कपूर परिवार की वजह से इस हवेली की अहमियत और भी बढ़ जाती है.राज कपूर के पिता पृथ्वीराज कपूर (जिन्होंने मुग़ल-ए-आज़म में अकबर का किरदार निभाया था) अपने आप को पहला हिंदू पठान कहते थे. वो बॉलीवुड में कलाकारों के पहले परिवार के जनक थे जिसकी अब चार पीढ़ियां हो गई हैं. वो अक्सर भारत में पेशावर की हिंदको भाषा भी बड़े गर्व से बोला करते थे.

सरकार क्या कहती है?पुरातत्व विभाग, ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह के डायरेक्टर अब्दुस्समद ख़ान ने बीबीसी को बताया कि सरकार ने ही अब तक इस हवेली को बचा रखा है वरना तो लोग इसे कब का गिरा चुके होते.

उन्होंने बताया कि इमारत को इसके मौजूदा मालिकों ने गिराने के लिए तीन कोशिशें की हैं लेकिन पुरातत्व विभाग ने समय पर पहुंचकर इस इमारत को गिराने से बचाया है और मालिकों को मजबूर किया है कि वो ये इमारत नहीं गिरायगें.उन्होंने बताया कि ये इमारत इतनी जर्जर नहीं थी लेकिन इसे अंदर से गिराने की कोशिशों की वजह से इस इमारत को नुक़सान पहुंचा है.सरकार ने इस इमारत में म्यूज़ियम बनाने का ऐलान भी किया था. ऐसी सूचना है कि विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने बॉलीवुड कलाकार और राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर से पहले भी एक मुलाक़ात में कहा था कि इस हवेली में म्यूज़ियम बनाया जाएगा.अब्दुस्समद ख़ान ने बताया कि सरकार ने ऐलान ज़रूर किया है लेकिन इस समय प्राथमिकता है उन स्थानों को सुरक्षित बनाना जो चार-पाँच हज़ार साल पुराने हैं.पुरातत्व विभाग के निदेश के अनुसार कपूर हवेली की तरफ़ भी तवज्जोह ज़रूर है और पेशवर की ख़ूबसूरती के लिए नगर पालिका की योजना के तहत शहर में म्यूज़ियम बनाए जाएंगे लेकिन अभी तक इसके लिए कोई फ़ंड आवंटित नहीं किये गए हैं. उन्होंने इस बात की पुष्टि कर दी कि इस हवेली को म्यूज़ियम बनाये जाने की योजना ज़रूर विचाराधीन है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *