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राफेल विमान की खासियत सुनकर चौंक जाएंगे आप

एमटीवी ब्यूरो : इंडियन एयरफोर्स की शक्ति और ज़्यादा बढ़ गई है, फ्रांस से उड़ान भरने के बाद 5 राफेल विमान भारत पहुँच चुके हैं जो भारतीय सेना की ताकत को गौरवान्वित कर रहे हैं। भारत ने फ्रांस के साथ 36 राफेल विमानों का सौदा किया है, जिसकी यह पहली खेप भारत पहुंची है, अगले साल के अंत तक अन्य विमानों को भी भारत के सुपूर्द कर दिया जाएगा। इस विमान के भारतीय सेना मे शामिल होने के बाद विशेषज्ञों का मानना है की भारतीय सेना की ताकत इस विमान के आने से दोगुनी हो गई है | आइये जानते हैं इस विमान की कुछ खास बातें की आखिर इस विमान के आने से भारतीय सेना को क्या सहूलियतें हो जाएंगी|

राफेल विमान फ्रांस की विमानन कंपनी दसॉल्ट एविएशन द्वारा बनाया गया 2 इंजन वाला लड़ाकू विमान है। सबसे पहले 1970 में फ्रांसीसी सेना द्वारा अपने पुराने पड़ चुके लड़ाकू विमानों को बदलने की मांग उठी थी। इसके बाद फ्रांस ने 4 यूरोपीय देशों के साथ मिलकर एक बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान की परियोजना पर काम शुरू किया, लेकिन बाद में उन देशों के साथ फ्रांस के मतभेद हो गए, जिसके बाद फ्रांस ने अकेले ही इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया।

राफेल एक बहुत ही उपयोगी लड़ाकू विमान है। इसके एक विमान को बनाने में 70 मिलियन की लागत आती है। इस विमान की लंबाई 15.27 मीटर होती है और इसमें एक या दो पायलट ही बैठ सकते हैं। इस विमान की खासियत है कि यह ऊंचे इलाकों में भी लड़ने में माहिर है। राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। यह अधिकतम 24,500 किलोग्राम का भार उठाकर उड़ने में सक्षम है। इसकी अधिकतम रफ्तार 2200 से 2500 किमी. प्रतिघंटा है और इसकी रेंज 3700 किलोमीटर है।

ऑप्ट्रॉनिक सिक्योर फ्रंटल इंफ्रारेड सर्च और ट्रैक सिस्टम से लैस इस विमान में एमबीडीए एमआइसीए, एमबीडीए मेटेओर और एमबीडीए अपाचे जैसी कई तरह की खतरनाक मिसाइलें और गन लगी होती हैं, जो पल भर में दुश्मनों को मिट्टी में मिला सकती है। इसमें लगी 1.30 एमएम की एक गन एक बार में 125 राउंड गोलियां चलाने में सक्षम है। इसमें लगी मेटेओर मिसाइल 100 किलोमीटर दूर उड़ रहे फाइटर जेट को भी पलभर में मार गिराने में सक्षम है।

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