बिजनौर

लॉकडाउन के नाम पर महंगे कर दिये बीड़ी, सिगरेट, गुटखों और पान के रेट, खूब हो रही है शहर मे कालाबाजारी

बिजनौर/ नजीबाबाद: बिजनौर के नजीबाबाद मे पूर्ण लॉकडाउन के डर ने लोगों के शौक को महंगा कर दिया है आपको बता दे शहर नजीबाबाद मे एक पोस्टर सोशल मीडिया पर बहुत तेजी के साथ वायरल हो रहा है जिसमे बीड़ी, सिगरेट, गुटकों और पान के रेट, को कम करने के लिए अपील की जा रही है । पोस्टर मे लिखा है …

” कालाबाजारी बंद करो, होलसेल द्वारा बीड़ी, सिगरेट गुटखा पान डबल रेट पर बेचे जा रहे हैं, होलसेलर छोटे कारोबारी को लूट रहे हैं। जैसे 120 रुपए के गुठके का पैकेट 220 रुपए मे दिया जा रहा है। 115 रुपए की सफल खैनी 240 रुपए मे दी जा रही है और 380 रुपए मे बिकने वाला बीड़ी के बंडल का पैकेट 460 रुपए मे मिल रहा है। इसी तरह तंबाकू निर्मित बाकी सब सामान दोगुने रेट पर बेचे जा रहे हैं”


आपको बता दें पिछले वर्ष 2020 मे जब सम्पूर्ण लॉकडाउन लगा था तब तंबाकू निर्मित उत्पाद बेचने वाले लोगों की शहर मे चाँदी कट गई थी क्यूंकी थोक व्यापारियों ने छोटे दूकानदारों को समान डबल रेट पर बेचा और छोटे दूकानदारों ने जब मंहगा समान पब्लिक को बेचा उन्हे लगातार लोगों से नोकझोंक करनी पड़ी कई जगह तो लड़ाई तक की खबरें थी । पिछले वर्ष तंबाकू निर्मित उत्पाद के थोक व्यापारियों ने समान डबल रेट पर बेचकर करोड़ों का मुनाफा कमाया था जबकि छोटे दूकानदारों को कस्टोमर को समझाना ही बहुत भारी  पड़  रहा था। यानि थोक व्यापारियों का खेला हुआ दोगुने  मुनाफे का साँप छोटे दूकानदारों के गले मे लिपट गया क्यूंकी लोग ये सोच रहे थे की छोटे दुकानदार ही मंहगा सामान बेच रहे हैं ।


कहा जा रहा है इस बार फिर लॉकडाउन के नाम पर बड़े व्यापारियों ने तंबाकू निर्मित चीजों को अपने गोदामों मे स्टोर करके रखा है ताकि अगर लॉकडाउन लगा तो फिर मुनाफा कमाएं। लेकिन इस बार छोटे दूकानदारों ने बड़े व्यापारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है ताकि डबल रेट समान बिकना बंद हो जाए जो बिकना शुरू हो चुका है। आपको बता दें डबल रेट समान बेचना कानूनन जुर्म है क्योंकि हर चीज़ की एक कीमत निर्धारित होती है जो प्रोडक्ट पर लिखी होती है जिसे MRP कहते हैं यानि मैक्सिमम रिटेल प्राइस इस लिखी हुई कीमत से ज़्यादा किसी भी वस्तु पर पैसे लेने पर जुर्माने के साथ साथ जेल भी हो सकती है । लेकिन ओवर रेट का ये खेल शहर नजीबाबाद मे खुलेआम हो रहा है । न जाने  ये तो तंबाकू के बड़े व्यापारी ही जानते हैं की वो अब तक किस नुस्खे से बचे हुए हैं। और किसकी शह पर तंबाकू उत्पादों का ये गोरखधंधा कर रहे हैं। अगर जल्दी ही मुनाफाखोरों पर कार्यवाई न हुई तो छोटे दुकानदार MRP से ज़्यादा पैसे लेने के कानून को आज़माकर जमाखोरों और मुनाफाखोरों के खिलाफ मोर्चा खोल सकते है और इन्हे जेल की हवा खिलवा सकते हैं ।

एमटीवी भारत के लिए न्यूज़ एडिटर मौ0 तारिक अंसारी की रिपोर्ट 

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