उत्तराखंड

सिर्फ कुंभ मे कोरोना है? इतने राज्यों मे चुनाव हो रहे हैं राजनीतिक जनसभाएं हो रही हैं क्या वहाँ कोरोना नहीं है ?

हरिद्वार: आज हरिद्वार मे भारतीय सम्राट सुभाष सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरुचरण सिंह चौहान ने एक बयान जारी करते हुए कहा की हमने अपनी ज़िंदगी मे कई कुम्भ देखे  हैं लेकिन इस बार ऐसा लग ही नहीं रहा है की कुम्भ का उत्सव चल रहा है, कोई रौनक नहीं किसी प्रकार की कोई तैयारी नहीं और न ही हरिद्वार मे घूमकर देखने से ऐसा प्रतीत होता है की हरिद्वार मे कुम्भ चल रहा है । महाकुंभ मे व्यवस्थों के सवाल पर चौहान ने कहा की पूर्व मे महाकुंभ मे व्यवस्थाएं साधुओं के मुताबिक होती थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं है, साधुओं की सुनी ही नहीं जा रही है  । आगे चौहान ने कहा इस बार व्यापारी वर्ग बहुत परेशान है बाहर से लोग आते थे तो कारोबार अच्छा चलता था लेकिन इस बार हर तबके का व्यवसाई परेशान है।

महाकुंभ मे संतों की खुशी वाले सवाल के जवाब मे चौहान ने कहा की इस बार महाकुंभ से कोई खुश नहीं आखाडा परिषद संत महात्मा कोई खुश नहीं कुम्भ के नाम पर आए करोड़ों रुपयों का बंदरबांट हुआ है। आगे चौहान ने कहा पहले आखाडा परिषद संत महात्मा प्रशासन को एक पैर पर नचाता था लेकिन आज प्रशासन संतों को नचा रहा है। गुरु चरण सिंह ने कहा की महाकुम्भ मे लगाने के लिए आए पैसे से पुरानी चीजों को तोड़कर या मरम्मत करके उन्हे नया किया जा रहा है यानि कुम्भ मे कोरोना वाले सवाल पर चौहान ने कहा की कोरोना तो बहाना है, कुम्भ मे कोरोनाकाल कुछ नहीं है इतने राज्यों मे चुनाव हुए और हो रहे हैं राजनीतिक जनसभाएं हो रही हैं क्या वहाँ कोरोना नहीं है ? किसानो के आंदोलन मे कोरोनाकाल नहीं है? कोरोनाकाल सिर्फ कुम्भ के पैसे का बंदरबांट करने के लिए है। आगे चौहान ने कहा कोरोना सिर्फ एक दिखावा है बाकी कुछ नहीं।

मेलाधिकारी दीपक रावत के बारे मे चौहान ने कहा की हमारे कुम्भ  मेलाधिकारी को दिखावा करने का बड़ा शौक है वो काम कम करते हैं दिखावा ज़्यादा करते हैं आगे चौहान ने कहा मेला प्रशासन, सरकार अपनेआप को हीरो बनाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन धरातल पर काम करने की नहीं सोच रहे हैं। आगे चौहान ने कहा कुम्भ के नाम पर पैसों का बंदरबांट करने वालों को माँ गंगे बिलकुल भी माफ नहीं करेगी। जिसने भी कुम्भ मे आए पैसों को खाया माँ गंगे उससे बदला लेगी।

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