उत्तर प्रदेश

69 हज़ार शिक्षक भर्ती मामला, सुप्रीम कोर्ट से यूपी सरकार को बड़ी राहत, हाईकोर्ट जाएँ याचिकाकर्ता |

ब्यूरो रिपोर्ट

लखनऊ: . उत्तर प्रदेश सरकार की गले की फांस बन चुकी 69 हजार शिक्ष भर्ती परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर आई है| सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले को चुनौती देने वाली अभ्‍यर्थियों की याचिका को सुनने से इनकार कर दिया है|  दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने डबल बेंच के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी| बड़ी पीठ ने सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी थी|  हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता चाहें तो हाईकोर्ट जा सकते हैं |

 

बता दें कि 12 जून को हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के जस्टिस पीके जायसवाल और जस्टिस डीके सिंह की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी थी, जिसमें गलत प्रश्नों को यूजीसी पैनेल के समक्ष भेजने की बात कही गई थी। हाई कोर्ट की डबल बेंच की इस रोक के बाद यूपी सरकार को बड़ी राहत मिली थी। योगी सरकार ने शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग भी शुरू करा दी थी। हालांकि, हाई कोर्ट की डबल बेंच के फैसले के खिलाफ अभ्‍यर्थी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे गए थे। याचिका में हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने या उसे रद करने की मांग की गई थी।

69000 शिक्षक भर्ती के मामले में हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से दो बार और सुप्रीम कोर्ट से एक बार सरकार को राहत मिली है। इसके पहले भर्ती के कटऑफ अंक विवाद में शासन के निर्णय पर और फिर परीक्षा संस्था के विशेषज्ञों के फैसले पर मुहर लगाई थी। परिषदीय स्कूलों के लिए शिक्षक चयन के लिए छह मई को सरकार को तब राहत मिली थी, जब 65 व 60 फीसद के आदेश को हाईकोर्ट ने यथावत रखा था। शासन के आदेश के 11 जनवरी 2019 को अभ्यर्थयों ने हाई कोर्ट में याचिका की थी। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने 45 व 40 फीसद कटऑफ पर भर्ती करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ सरकार ने 22 मई 2019 को हाई कोर्ट लखनऊ की डबल बेंच में अपील की थी, जिस पर 6 मई 2020 को हाई कोर्ट ने सरकार को राहत देते हुए सिंगल बेंच के आदेश को खारिज कर दिया था।

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