अन्तर्राष्ट्रीय

75000 सैनिकों की हुई मौतः अमेरिका

75000 सैनिकों की हुई मौतः अमेरिका

अमेरिका ने दावा किया है कि रूस और यूक्रेन के मध्य जो युद्ध जारी है उसमें दोनों पक्षों की ओर से हताहतों की संख्या का केवल अनुमान लगाया गया है।

अमेरिका ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अब तक इस जंग में करीब 75 हजार रूसी सैनिक मारे या घायल हो चुके हैं और रूस के हथियारों का स्टॉक आधा से ज्यादा खत्म हो चुका है। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी अधिकारियों का अनुमान था कि रूस ने करीब 1,50,000 सैनिकों को यूक्रेन की सीमा पर तैनात किया था।

अब अमेरिका ने कहा है कि दोनों पक्षों की ओर से हताहतों की सटीक संख्या का केवल अनुमान लगाया गया है जबकि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि 40 हजार रूसी सैनिक मारे जा चुके हैं और 10 हजार से अधिक घायल हो चुके हैं। रूस की ओर से युद्ध में मारे गए सैनिकों के नाम या संख्या नहीं बतायी गयी है।

पिछले हफ्ते सीआईए प्रमुख रिचर्ड मूरे ने अनुमान लगाया कि 60 हजार रूसी सैनिक मारे जा चुके या घायल हो चुके हैं जबकि कुछ सूत्र इस आंकड़े को 80 हजार के करीब मानते हैं। कुछ दिनों पहले ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई6 के प्रमुख ने दावा किया था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के साथ युद्ध में बुरी तरह ‘फेल’ हो चुके हैं।

जानकार हल्कों का कहना है कि यह अमेरिका और ब्रिटेन के प्रचारिक युद्ध का भाग है जो मारे जाने वाले रूसी सैनिकों की संख्या इतना बढ़ाचढ़ा कर बयान कर रहे हैं। इन टीकाकारों ने यह प्रश्न किया कि अमेरिका और ब्रिटेन ने क्यों मारे जाने वाले यूक्रेनी सैनिकों की संख्या नहीं बतायी? जबकि रूसी हमले में बड़ी संख्या में यूक्रेनी सैनिक मारे गये हैं।

इसी प्रकार जानकार हल्कों का मानना है कि रूस और यूक्रेन के बीच जो युद्ध हो रहा है उसके जारी रहने का मूल कारण अमेरिका, ब्रिटेन, नैटो और पश्चिमी देश हैं और अगर यह देश यूक्रेन को हथियारों की खेप न भेजते तो यह युद्ध बहुत पहले खत्म हो चुका होता परंतु ये देश रूस को कमज़ोर करने के लिए यूक्रेन को हथियारों की खेप भेज रहे हैं और वे यह दिखा रहे हैं कि यूक्रेन से प्रेम रखते हैं इसलिए उसकी सहायता कर रहे हैं जबकि वास्तविकता यह है कि वे रूस से अपनी दुश्मनी निकालने के लिए ऐसा कर रहे हैं। MM

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