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9 अगस्त 1925 को हुआ था काकोरी कांड, गोरखपुर जेल में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की प्रतिमा पर किया गया माल्यार्पण

रिपोर्ट:-रविन्द्र चौधरी

 

गोरखपुर।काकोरी कांड 9 अगस्त 1925 के 95वीं वर्षगांठ के अवसर पर गुरुकृपा संस्थान एवं पंडित राम प्रसाद बिस्मिल बलिदानी मेला खेल महोत्सव आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में जेल के सेंट्रल कक्ष में तैलीय चित्र स्थापित किया जाएगा।


बिस्मिल के बलिदान स्थली गोरखपुर मंडलीय कारागार में वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ रामधनी एवं जेलर प्रेम सागर शुक्ला को संगठन प्रमुख बृजेश राम त्रिपाठी एवं अनिरूद्ध पांडेय एडवोकेट सहित संस्था के सदस्यों ने पं.राम प्रसाद बिस्मिल का चित्र भेंट किया। ध्यातव्य है कि आज से 95 वर्ष पूर्व 9अगस्त 1925 को चंद्रशेखर आजाद राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह सहित 10 क्रांतिकारियों ने लखनऊ से 14 मील दूर काकोरी और आलमनगर के बीच ट्रेन में ले जाए जा रहे सरकारी खजाने को लूटकर अंग्रेजों को बड़ा झटका दिया था।


देश की आजादी के लिए बलिदान हुए वीरों में काकोरी कांड के महानायक बिस्मिल को अंग्रेजों ने गोरखपुर जेल में 19 दिसम्बर1927को फांसी पर लटकाया था।इस अवसर पर गुरूकृपा संस्थान के संस्थापक बृजेश राम त्रिपाठी ने कहा कि बहुप्रतीक्षित घड़ी आज पूरी हुई जब अगस्त क्रांति के दिन पर बिस्मिल का चित्र उनके बलिदान स्थली गोरखपुर को समर्पित करते हुए स्थापित की गई। उन्होंने जेल अधीक्षक डॉ राम धनी और जेलर प्रेम सागर शुक्ला के प्रति संस्था की तरफ से आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह चित्र जेल में आने वाले आगन्तुकों को यह जानने और समझने का अवसर प्रदान करेगा कि बिस्मिल विराट व्यक्तित्व के स्वामी थे देश प्रेम उनके लिए सर्वोपरि था।वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ रामधनी ने संस्था के प्रयासों को सराहना करते हुए कहा कि विगत कई वर्षों से लगातार पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के जीवनी पर राष्ट्रीयता एवं देश प्रेम से ओतप्रोत विभिन्न गतिविधियां चलाने के लिए बिस्मिल बलिदानी मेला और गुरुकृपा संस्थान के सदस्यगण बधाई के पात्र हैं ऐसे कार्यों की सर्वथा प्रशंसा की जानी चाहिए।इस अवसर पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ रामधनी, जेलर प्रेम सागर शुक्ला, अनिरूद्ध पांडेय एडवोकेट और बृजेश राम त्रिपाठी उपस्थित थे।

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