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भाजपा विधायक व सपा के पूर्व राज्य मंत्री आपस में भिड़ें हाथापाई की आई नौबत एसडीएम और सीओ ने किया बीच बराव देखें क्या है मामला

रिपोर्ट:-सरताज सिद्दीकी

 

पीलीभीत में संविदा कर्मी की मौत के बाद संवेदना व्यक्त करने गए भाजपा विधायक व सपा के पूर्व राज्यमंत्री आपस मे बुरी तरह सीओ व एसडीएम के सामने ही भीड़ गए।भाजपा विधायक ने सपा के पूर्व राज्यमंत्री से कहा कि यहां कुराफ़ात करने आये हो एक मुकदमा थाना माँधोटांडा में लिख गया है एक यहां लिख जाएगा,जेल जाओगे।

इतना ही नही सपा नेता से कहा कि तुम बहुत जूनियर हो जमीन पर रहो।सपा नेता भी भाजपा विधायक से नही दबे और दो टूक कह दिया लिखवा दो मुकदमा।डरते नही है।आलम यह हो गया कि बात हथापाई पर आ गयी तब सीओ और एसडीएम ने दोनों नेताओं को अलग किया।

लाश पर राजनीत की रोटियां सेकने की बाते आपने सुनी ही होगी।अगर ये देखा नही हो तो आप पीलीभीत के भाजपा विधायक राम सरन वर्मा और सपा के पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा की ये तीखी नोंक झोंक को देख कर समझ लीजिए।

घटना पीलीभीत के थाना बिलसंडा थाना क्षेत्र की है बिजली विभाग में संविदा कर्मी छत्रपाल की कल विद्युत पोल पर चढ़कर लाइन ठीक करते समय करंट लगने से मौत हो गयी थी।आज जब शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो क्षेत्रीय विधायक रामसरन वर्मा व सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा परिवार के साथ शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।इस बीच परिवार को आर्थिक मदद दिलाने के लिए सपा के पूर्व राज्यमंत्री व भाजपा विधायक के बीच खींचातानी हो गयी।

दरअसल मृतक को विद्युत विभाग की तरफ से पांच लाख रुपया मुआवजा की लिखित में दिए जाने को लेकर मामला तूल पकड़ गया। विभागीय अधिकारियों का कहना था कि मृतक के परिवार को विद्युत विभाग की तरफ से पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी।सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा जो भी आर्थिक मदद दी जाए विभागीय अधिकारी लिखित में सब कुछ दें।विभाग के अधिकारी लिखने के लिए जा ही रहे थे कि इस बीच भाजपा के विधायक रामसरन वर्मा ने कोई भी आर्थिक मदद लिखित में देने के लिए मना कर दिया। इसी को लेकर सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा भड़क गए।दोनों में एसडीएम राकेश गुप्ता व सीओ लल्लन सिंह के सामने जमकर तू तू मैं मैं हुई।

हालांकि एसडीएम व सीओ ने काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन दोनों लाश पर भरी शोक सभा मे एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप जड़ते रहे।यदि लोग बीच बचाव नही करते तो मारपीट की नौबत आने ही वाली थी काफी देर तक शव को अंतिम संस्कार के लिए रोके रखा गया और सत्ता की हनक में भाजपा विधायक ने मृतक के परिजनों बिजली विभाग की पांच लाख मदद की चिट्ठी नही देने दी मजबूर लाचार परिवार को गरीब कर्मचारी का अंतिम संस्कार करना पड़ा पूरे मामले में लाश पर राजनीति और मृतक के परिवार को लिखित में मुआवजा की चिट्ठी भाजपा विधायक द्वारा न देने की घटना से क्षेत्र चर्चा का विषय बना हुआ पूरे मामले पर जब विभाग के आला अधिकारी से पूछा गया तो उनका वही रटी हुई भाषा में जबाब था मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।गौरतलब है कि हेमराज वर्मा पर एक मुकदमा थाना माँधोटांडा पर दिनाक 8 नवम्बर को दर्ज हो चुका है हेमराज 6 साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या के मामले में परिवार से मिलने गए थे तभी पुलिस ने उसी दिन हेमराज सहित 40 सपाइयों पर कोविड 19 के नियम तोड़ने का मुकदमा दर्ज किया था।

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