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बिजली तार गिरने से मवेशी की मौत मची रही अफरा-तफरी, टला बड़ा हादसा,बचे दर्जनों लोग – घटना विशुनपुर के सर्वाधिक व्यस्ततम जगह की

रिपोर्ट:-मनोज कुमार मिश्र

 

बलरामपुर।विशुनपुर के व्यस्ततम पाण्डेय फ़िल्टर के सामने शनिवार की शाम बिजली तार गिरने से अफरातफरी मच गई। करंट के चपेट में आने से एक भैस की मौत तड़प-तड़प कर हो गई। तार गिरने के साथ ही भगदड़ मच गई। दर्जनों लोग करंट के चपेट में आने से बच गए। संयोग ही था कि भीड़ भाड़ वाले इलाके में भी तार गिरने से कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ।

बताते चलें कि पाण्डेय फ़िल्टर वाटर पर सामने शनिवार की शाम तकरीबन सवा नौ पांच बजे अचानक बिजली तार गिर गई। बारिश के बाद तार में स्पार्क हुआ और तेज आवाज के साथ तार जमीन पर गिर गई। इससे भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई। वहां घुम रहीं आधा दर्जन बेजुबान मवेशियों में एक करंट प्रवाहित तार के संपर्क में आ गई। जब तक बिजली कटती मवेशी की मौत हो गई। बताया गया है कि मवेशी गौरा थाना के विशुनपुर निवासी हरी राम यादव की थी।
बिना सेपरेटर हो सकता हादसा : विद्युत विभाग की गैरजिम्मेदार कार्यशैली बगैर सेपरेटर के पोल पर दौड़ते बिजली तार को देख कर पता चलता है। रिहायसी इलाकों में पोल पर लगे तार से बिना सेपरेटर के विद्युत प्रवाहित हो रहा है। इलाके में कहीं भी बिजली तार गिरता है तो बड़े हादसे की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। नियमानुसार बिजली तार के नीचे सेपरेटर लगाना है। इसके लिए नियत दूरी तय है। ताकि तार गिरे भी तो उसका संपर्क नीचे किसी व्यक्ति से नहीं हो। यह दूरी जमीन से कम से कम सात – आठ फीट होनी चाहिए। इलाके में कुछ स्थानों को छोड़ कहीं भी सेपरेटर नहीं दिखता है। सेपरेटर का अभाव निश्चित रूप से हादसों का कारण बन सकता है।हरि राम यादव ने न्याय की गुहार लगाई है।भैस की करंट से हुई मौत के बाद हरी राम यादव सदमे में है। शनिवार की रात से रविवार की दोपहर तक गाय का शव घटनास्थल पर पड़ा रहा।पशु चिकित्सक के पोस्टमार्टम के बाद स्थल से भैस के शव को हटाया गया। भैस के दुध से ही हरी राम के बच्चो का पालन पोषण होता है। वह क्षतिपूर्ति के लिए बिजली विभाग के आफिस में अर्जी लगायी है।इस सम्बन्ध में एसडीओ वीमलेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि जानकारी मिली है विभाग द्वारा जो सहायता राशि मिलनी है। किसान को दिलाया जाएगा।

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