फोटो

डीआईजी गोरखपुर जोन ने उपनिरीक्षक शशिकान्त पाण्डेय को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

बलरामपुर। अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन अखिल कुमार के द्वारा बलरामपुर जनपद के कर्मठी उपनिरीक्षक शशिकान्त पाण्डेय को कोरोना महामारी के समय में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2021 में सीमित संसाधनों एवं कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत ड्यूटी करना काफी चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में बड़ी ही सावधानीपूर्वक काम करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशस्ति पत्र के माध्यम से अपर पुलिस महानिदेशक अखिल कुमार ने कहा कि सामान्य त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के दौरान जोन के समस्त जनपदों में सुदृढ़ पुलिस व्यवस्थापन, दैनिक कानून व्यवस्था, अपराध तथा विभिन्न बैठकों आदि सम्बंधित कार्यों में पूर्ण निष्ठा एवं लगन से कार्यालय समय के अतिरिक्त देर रात्रि तक कार्यों का सम्पादन करते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया जिसके फलस्वरूप त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2021 निर्बाध एवं निष्पक्ष रूप से सकुशल सम्पन्न हुआ जो प्रशंसनीय रहा है। जिस आशा एवं विश्वास के साथ काम किया है, भविष्य में भी इसी मनोयोग, सूझबूझ एवं ऊर्जा के साथ राजकीय कार्यों के सम्पादन में उत्तरोत्तर योगदान देते रहने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन अखिल कुमार ने उपनिरीक्षक शशिकान्त पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामना भी दिया। कोरोना महामारी से उबरने और लॉकडाउन का पालन कराने में पुलिसकर्मियों का योगदान काफी सराहनीय रहा है। कोरोना काल में कार्यालय से लेकर सड़क पर डयूटी करने वाले पुलिसकर्मियों का कार्य अतुलनीय रहा है। इन्हीं में से एक बलरामपुर जनपद के एक यसस्वी उपनिरीक्षक शशिकांत पाण्डेय का कोरोना वारियर्स के रूप में किए गए कार्य को भी हम भूल नहीं सकते। घर परिवार से दूर रहकर बलरामपुर में अपनी सेवा देने वाले शशिकांत पाण्डेय ने बताया कि पुलिस में बहाल होने के बाद नियमित रूप से आमतौर पर सभी पुलिसकर्मी ड्यूटी करते ही हैं, लेकिन पिछले साल कोरोना काल के समय ऑफिस से लेकर सड़क पर ड्यूटी करना काफी चुनौती भरा कार्य रहा। उन्होंने बताया कि पुलिस में होने के नाते हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई थी। एक तरफ ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू विवाद व जमीनी विवाद का निपटारा और दूसरी ओर चौक-चौराहों पर खडे़ रहकर लोगों को लॉकडाउन का पालन कराना काफी चुनौतीपूर्ण कार्य था। उस समय न तो इसकी दवा थी और न ही टीका। बचाव का सबसे सुरक्षित उपाय घर पर रहना था। लोग इधर-उधर जाना तो दूर अपनी जान बचाने की खातिर घर से नहीं निकलते थे। सड़क पर लगातार प्रवासियों का आना जाना लगा रहता था। मन में भय तो लगा रहता, लेकिन एहतियात बरतते हुए कर्तव्यों का पालन करते रहे। उन्होंने बताया की लॉकडाउन में घर नहीं जा सके, जब भी टीवी, मोबाइल पर कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या देखते तो घर पर परिवार व बच्चों के लिए चितित जरूर होती। मास्क, सैनिटाइजर का प्रयोग, साबुन से बार-बार हाथ धोना, गर्म पानी का सेवन करने की आदत सी पड़ गई थी। जिसे आज तक भुला नहीं सका। उपनिरीक्षक शशिकांत पाण्डेय बताते हैं कि आपदा की उस घड़ी में लॉकडाउन का पालन कराना, शांति व्यवस्था बहाल रखने में हमारे जैसे जिले भर के पुलिसकर्मियों ने कोरोना वारियर्स के रूप में कार्य किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *