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करीब 3 महीने के बाद ऋषिकेश AIIMS मे शुरू हुई ओपीडी सेवाएं, मरीजों को मिली बड़ी राहत

ऋषिकेश: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में 83 दिन बाद ओपीडी सेवाएं दोबारा शुरू हो गई हैं। ओपीडी सेवाएं बहाल होने से एम्स में इलाज के लिए इंतजार कर रहे उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। पहले दिन रजिस्ट्रेशन काउंटर पर 2500 मरीजों का पंजीकरण किया गया। कोरोना के साथ एम्स के विशेषज्ञ ब्लैक फंगस और एस्परजिलोसिस जैसे जानलेवा फंगस की दोहरी चुनौती का सामना कर रहे थे। हालांकि मरीजों की सुविधा के लिए एम्स प्रशासन ने वर्चुअल ओपीडी और टेली नर्सिंग जैसी सेवाओं शुरू किया था।
कोरोना की संक्रमण दर कम होने के साथ ओपीडी में मरीज देखे जा रहे हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई। सोमवार को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर 2500 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। मरीजों की सुविधा अनुसार ओपीडी सेवाओं में इजाफा किया जा रहा है।
– हरीश मोहन थपलियाल, पीआरओ, एम्स ऋषिकेश
मरीजों को घर बैठे वर्चुअल प्लेटफार्म के माध्यम से विशेषज्ञ परामर्श मुहैया कराया जा रहा था। लेकिन अब कोरोना संक्रमण कम होने के साथ एम्स प्रशासन ने ओपीडी सेवाओं को बहाल कर दिया है। जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक, ऑर्थोपैडिक, सर्जिकल ओंकोलॉजी, मेडिकल ओंकोलॉजी, डर्मिटोलॉजी, ईएनटी, यूरोलॉजी, पीएमआर, मनोचिकित्सा, पल्मोनरी मेडिसिन आदि विभागों के चिकित्सक ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
एम्स ने शारीरिक दूरी बनाने की अपील
रजिस्ट्रेशन काउंटर और नॉन कोविड एरिया में बैठे मरीजों और उनके तीमारदारों को कर्मचारी लगातार मास्क को ठीक से पहनने और शारीरिक दूरी बनाने के निर्देश दे रहे थे। इसके बावजूद कई मरीज और उनके तीमादार शारीरिक दूरी के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। एम्स प्रशासन मरीजों ने कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर और नॉन कोविड एरिया में फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाने की अपील की है।

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