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गोरखपुर लोकरंग की छटा के बीच गोरखपुर महोत्सव का शुभारंभ पर्यटन मंत्री ने कहा संतो पुरोधाओं ने भारतीय संस्कृति को बचाया

रिपोर्ट–रविन्द्र चौधरी

 

लोकरंग की छटा के बीच दो दिवसीय गोरखपुर महोत्‍सव का शुभारम्‍भ हुआ. यूपी के पर्यटन, संस्‍कृति, धमार्थ एवं प्रोटोकाल (स्‍वतंत्र प्रभार) मंत्री नीलकंठ तिवारी ने बतौर मुख्‍य अतिथि कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्‍होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अलग-अलग कांलखंड में हमारी संस्‍कृति और लोक परम्‍पराओं को विदेशी आक्रांताओं ने नष्‍ट करने का प्रयास किया. लेकिन, हमारे संतों, पुरोधाओं और समाज के व्‍यक्तित्‍वों ने आगे आकर हमारी संस्‍कृति और लोककलाओं को बचाया. ।


यूपी के पर्यटन, संस्‍कृति, धमार्थ एवं प्रोटोकाल (स्‍वतंत्र प्रभार) मंत्री नीलकंठ तिवारी ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी. 1947 में जब देश स्‍वतंत्र हुआ था, इस बीच का जो कालखंड था. इस कालखंड के बीच में अपने स्‍वः के भाव को त्‍यागने के जो भी प्रयास हो सकते थे.।

कांग्रेस और उसकी समर्थित सरकार ने किया.स्‍वतंत्रता के पूर्व ही सातवीं सदी के प्रथम आक्रमण के समय ही हमारी संस्‍कृति को ध्‍वस्‍त और नष्‍ट करने का प्रयास विदेशी आक्रांताओं ने किया था. लेकिन, हमारे संत और पुरोधाओं ने समाज के व्‍यक्तिवों ने आगे आकर हमारी संस्‍कृति और परम्‍पराओं को बचाने का प्रयास किया.।


12वीं शताब्‍दी के आंदोलन में इसी गोरक्षपीठ से राग भैरवी और संत समाज के लोग निकलते थे. सामाजिक समरसता का राग, भारत की अस्मिता और सांस्‍कृतिक पहचान को बनाए रखने का प्रयास करते थे. आजादी के बाद से 2014 के बीच ये प्रयास नहीं हुए. इसके पहले जब भारत को अंग्रेजों ने गुलाम बनाए, तो हमारे संतों ने देश को एक सूत्र में बांधने में अमूल्य योगदान दिया. 16वीं शताब्दी में हमारी संस्कृति को बचाने के लिए तुलसीदास जैसे संतों ने राम नाम के गुणगान कर हमारी संस्कृति को याद दिलाने का काम किया गया.।


कांग्रेस की सरकार ने हमारी संस्कृति को भुलाने का काम किया. जो हमारे देश के उत्पाद थे,उसे प्रमोट नहीं किया. आम लोगों, गरीबों और जरूरतमंद लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिली. 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घरेलू गैस, आवास और शौचालय के साथ सभी सरकारी सुविधाएं दी. 2017 में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तो प्रदेश का विकास होने लगा. पहले लोग इसे विकास में नीचे से देखते थे. आज सूची में ऊपर से लोग देखते हैं. डोमेस्टिक प्रोडक्ट में एक और विदेशी पर्यटकों में दूसरे नंबर पर नाम है.।

प्रत्येक भारतवंशी जो अयोध्या धाम में जाता है,वो भगवान राम का नाम लेता है. ये योगी आदित्यनाथ की देन है. 400 करोड़ से अधिक की परियोजना पर्यटन विभाग की चल रही है. भव्य और दिव्य मंदिर बनने की शुरुआत हो चुकी है. उसे विश्व में अद्भुत बनाने में सीएम योगी आदित्यनाथ जुटे हैं. कुम्भ का महोत्सव कितना भव्य हुआ. पहले लोग जाना नहीं चाहते थे. गन्दगी होती थी. आज गुह्यराज महाराज का भव्य मंदिर बन चुका है. कुशीनगर और संतकबीरनगर की तपोस्थली का विकास छुपा नहीं है.।

काशी की बात नहीं करें, तो ऐसा नहीं हो सकता है. बाबा विश्वनाथ धाम के विकास को लेकर पूज्य बापू जी ने 1916 में कहा था. आज मोदीजी और योगीजी के नेतृत्व में विकास हो रहा है. भव्य और दिव्य विंध्य धाम का विकास हो रहा है. चंदौली में चंद्रप्रभा वाटरफाल विश्व का तीसरा सबसे बड़ा फाल है. उसे विकसित किया जा रहा है. चौरीचौरा कांड को शताब्दी वर्ष में वर्षभर कार्यक्रम होंगे. गोरखपुर और इस पीठ से जुड़े लोगों को देश के विकास का नया भाव मिल रहा है.।


विशिष्‍ट अतिथि के रूप में उपस्थित यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि गोरखपुर के अधिकारियों ने महोत्‍सव को कम समय में भव्‍य रूप प्रदान किया है. गोरखपुर लगातार विकास के पथ पर अग्रसर हो रहा है. इसके साथ ही उत्‍तर प्रदेश का भी विकास मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ कर रहे हैं. गोरखपुर के आसपास के जिले भी विकास के पथ पर अग्रसर हैं.।

उन्‍होंने कहा कि गोरखपुर महोत्‍सव के माध्‍यम से स्‍थानीय कलाकारों को मंच मिल रहा है.ये मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की देन है कि रामगढ़ताल क्षेत्र आज सैलानियों के लिए पर्यटन स्‍थल के रूप में विकसित हो चुका है.गोरखपुर महोत्‍सव का सफल आयोजन कलाकारों को नया मंच प्रदान कर रही है. ।


गोरखपुर के सांसद रविकिशन ने कहा कि गोरखपुर महोत्‍सव का भव्‍य मंच स्‍थानीय कलाकारों को देश और विदेश में ख्‍याति दिलाएगा. उन्‍होंने कहा कि भिखारी ठाकुर का बिदेसिया नाटक और चौरीचौरा कांड पर आधारित नाटक 4 फरवरी 1922 एक नया अध्‍याय लिखेगा. उन्‍होंने गोरखपुर के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे यहां पर आएं और कलकारों का हौसला अफजाई भी करें. उन्‍होंने कहा कि देश और विदेश में नाम कमाने के बाद भी मैं गांव का रविकिशन शुक्‍ला ही हूं. भारत के लोग विदेशों में जाकर नाम कर रहे हैं. हर जगह आपको भारतीय ही दिखेंगे. विदेशी और बॉलीवुड के कलाकारों को देखकर लोगा बौरा जाते हैं. ये यहीं के माटी के लोग है, जिनके अंदर अनेक प्रतिभा है. उनकी प्रतिभा को देखने के लिए मुक्‍ताकाशी मंच जरूर जाएं.।

इस अवसर पर राज्‍यसभा सांसद जय प्रकाश निषाद, नगर विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल,कैम्पियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह और मेयर सीताराम जायसवाल ने भी लोगों को संबोधित किया. इसके पूर्व गोरखपुर महोत्‍सव में लोकरंग की छटा भी बिखरी. सरस्‍वती वंदना की प्रस्‍तुति ने जहां लोगों का मन मोह लिया. तो वहीं लखनऊ घराने से अपनी टीम के साथ पधारी आस्‍था मिश्रा और उनके गुरु अनुज मिश्रा ने गंगा मइया पर आधारित कथक नृत्‍य की शानदार प्रस्‍तुति कर लोगों का मन मोह लिया. शाम 5 बजे चौरीचौरा कांड पर आधारित नाटक 4 फरवरी 1922 का मंचन मुक्‍ताकाशी मंच पर किया गया.।

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