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गोरखपुर।में बरसात के पानी को खींचने के लिए गोर्रा नदी पर लगाए गए रेगुलेटर बने हाथी दांत..जिम्मेदार बेखबर कई गावों में बाढ़ जैसे हालात ।

रिपोर्ट:-रविन्द्र चौधरी

 

गोरखपुर।चौरी चौरा तहसील क्षेत्र के ब्रह्मपुर ब्लॉक के गोर्रा तथा राप्ती नदी के दोआब के बीच के गांव बरसात के पानी से पिछले एक माह से चारों तरफ से घिर हुए है।कई गांव में बाढ़ जैसे हालात हो गए है।हालांकि नदियो का जलस्तर में भारी गिरावट आई है।लेकिन फिर भी बरसात का पानी कछार क्षेत्र की फसलों को तबाह कर रहा है।कई हजारो एकड़ फसल बर्बाद हो गई है।बरसात के पानी को गोर्रा नदी में जाने के लिए रेगुलेटर लगाए गए है।विभागीय लापरवाही के कारण रेगुलेटर को खोला नही गया है।

गोरखपुर मुख्यालय से 40 किमी की दुरी पर चौरी चौरा तहसील क्षेत्र के ब्रह्मपुर ब्लाक में स्थित कछार क्षेत्र के कई दर्जनों गाव बीते एक दशक से अधिक समय से मानसून आने के बाद बरसात के पानी से महीनो डूबे रहते है।इस दौरान कई गावो में बाढ़ जैसे हालात हो जाती है।किसानों की धान और मक्के की फसल वर्षो से प्रभावित हो रही है।इस वर्ष भी कछार क्षेत्र के कई गांव बरसात के पानी से घिरे हुए है।सबसे बदतर स्थित जमरु गाव की है।गाव में चारो तरफ पानी लगा हुआ है मुख्य मार्ग पर भी कई फीट पानी लगा हुआ है।किसानों की सभी फसले बरसात के पानी में डूब गई है।पशुओ के लिए हरे चारे की किल्लत हो रही है।महीनो से जल जमाव होने से संक्रमण रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है।बरसात के पानी को गोर्रा नदी में जाने के लिए कई रेगुटर बनाए गए है।लेकिन बिडम्बना है कि रेगुलेटर्स के रास्ते पर्याप्त मात्रा में पानी नही निकल रहा है।सभी रेगुलेटर नाम मात्र के लिए खुले है।विभागीय अधिकारियों की लापरवाही भी उजागर हो रही है।कछार क्षेत्र में रहने वाले लोगो का आरोप है कि हमारी समस्या का निराकरण कराने के लिए गोर्रा नदी के गोरखपुर देवरिया सिमा पर लगे कोटवा तटबन्ध के रेगुटर की स्थित को देखने के लिए अब तक कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी नही आया है ।ग्रमीणों ने कोटवा तटबन्ध पर लगे रेगुलेटर को खुलवाने के लिए जिम्मेदारों से मांग की है।ब्रह्मपुर ब्लाक के कछार क्षेत्र रहने वाले रामबेलास यादव चंद्रशेखर व रामगणेश मौर्य ने बताया कि हमारे क्षेत्र में रेगुटर से बरसात का पानी नदी में नही जा पा रहा है इसलिए कई गावो में पानी भरा हुआ है।ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से मांग की है उनकी समस्याओं का समाधान किया जाय।

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