प्रदेश

गोरखपुर में बीआरडी का तोहफा,जल्द शुरू होगा प्लाज़्मा थैरेपी से इलाज

रिपोर्ट:-रविन्द्र चौधरी

 

कोरोना से जंग जीत चुके मरीज जल्द ही दूसरे संक्रमितों की जान बचा सकेंगे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना मरीजों का इलाज होगा। शासन ने बीआरडी को प्लाज्मा थेरेपी से इलाज करने का निर्देश दिया है। इसके बाद इलाज में उपयोग होने वाली एफेरेसिस मशीन की खरीद का प्रस्ताव कॉलेज प्रशासन ने शासन को भेज दिया है। अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में प्लाज्मा थेरेपी पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
प्रदेश में सबसे पहले लखनऊ के पीजीआई में प्लाज्मा थेरेपी की शुरुआत भी हुई थी। इसके बाद केजीएमयू में भी यह सुविधा शुरू हुई। अब बीआरडी ने भी प्लाज्मा थेरेपी में उपयोग होने वाली मशीन एफेरेसिस का प्रस्ताव शासन को भेजा है। उम्मीद है कि मशीन भी बीआरडी को जल्द मिल जाएगी।

इसके बाद इस पर काम भी शुरू हो जाएगा।गंभीर संक्रमण से उबरे विजेता देंगे प्लाज्मा।प्लाज्मा उन्हीं मरीजों का लिया जाएगा जो कोरोना से जंग जीत चुके हैं। उनके अंदर एंटीबॉडी विकसित हो गई होगी। बीआरडी प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि कोविड-19 से ठीक हो चुके मरीजों के अंदर एंटीबॉडी अब विकसित हो गई होगी। ऐसे मरीजों से प्लाज्मा डोनेट करने की अपील की जाएगी। डोनेट प्लाज्मा को गंभीर संक्रमित मरीजों को चढ़ाया जाएगा।तीमारदार की मर्जी से हो सकेगी प्लाज्मा।

प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी दिए जाने के लिए तीमारदार की अनुमति जरूरी होगी। तीमारदार के इच्छा के बाद ही उसके मरीज का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से डॉक्टर कर सकेंगे। बताया कि शुगर, गुर्दा, हृदय रोग व कैंसर पीड़ित कोरोना संक्रमितों को प्लाज्मा थेरेपी दी जा सकेगी।इन मरीजों को दी जाएगी प्लाज्मा थेरेपी।प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग गंभीर मरीजों पर किया जाएगा। कोरोना के ऐसे मरीज जिनके जान को खतरा हो। संक्रमित मरीज के रेस्परेटरी रेट प्रति मिनट 30 से ज्यादा हो। ब्लड में ऑक्सीजन की मात्रा 93 फीसदी से कम हो। एक्सरे में फेफड़े में धब्बे 48 घंटे में 50 फीसदी बढ़े हों। रेस्परेटरी फेल्योर, सेप्टिक शॉक, मल्टी ऑर्गन फेल्योर मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाया जाएगा।शासन को प्लाज्मा के लिए एफेरेसिस मशीन का प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मशीन बीआरडी को मिल जाएगी। इसके बाद प्लाज्मा थेरेपी पर बीआरडी की टीम काम करना शुरू कर देगी।डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज।

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