उत्तर प्रदेश

गोरखपुर में गांधी आश्रम में बापू की खादी भी नही रही कोरोना से अछूती, जानने के लिये पढ़े ये खबर

रिपोर्ट:-रविन्द्र चौधरी

 

गोरखपुर ।कोरोना संक्रमण के कारण बिगड़े हालात से बापू की खादी को तगड़ी मार पड़ी है। गांधी आश्रम की आय में रिकार्ड गिरावट आई है। आश्रम में या तो मास्क बिक रहे हैं या फिर ग्रामोद्योग के उत्पाद। इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में गांधी आश्रम की कमाई पिछले वर्ष की तुलना में 85 फीसदी कम रही।आपको बता दे कि वित्तीय वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में कुल एक करोड़ 89 लाख रुपये की बिक्री दर्ज की गई थी। इसमें अप्रैल 2019 में करीब 49 लाख, मई में 78 लाख और जून 2019 में करीब 62 लाख रुपये के खादी वस्त्रों की बिक्री शामिल थी। इस साल अप्रैल और मई में लॉकडाउन के कारण पूरी तरह बंदी रही। जून में भी गांधी आश्रम रोस्टर प्रणाली के कारण बमुश्किल 15 दिन ही खुला जिसके कारण कुल कमाई 27.74 लाख ही हुई। वित्तीय संकट को देखते हुए बुनकरों के भुगतान में समस्या आ रही है। ऐसे ही हालात में कर्मचारियों को वेतन का भी संकट हो गया है।

वही वस्त्रों का बजार घटा, ग्रामोद्योग ने संभाला
गांधी आश्रम में खादी वस्त्रों की बिक्री में जबरदस्त गिरावट आई है। जिस दिन गांधी आश्रम खुलता भी है, 10-20 ग्राहक ही खरीदारी करते हैं। चमड़े के उत्पादों का हाल उससे भी खराब है। कई दिन तो चमड़े के उत्पादों को एक भी ग्राहक नहीं मिल रहा।करीब ढाई महीने के लॉकडाउन और उसके बाद रोस्टर प्रणाली लागू होने से खादी वस्त्रों की कम बिक्री का नुकसान गांधी आश्रम से ज्यादा बुनकरों को उठाना पड़ रहा है। बुनकरों का काम मार्च से ही बंद पड़ा है। वे नए ऑर्डर का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन पर्याप्त स्टॉक के कारण ऑर्डर नहीं मिल पा रहा।तीन वर्षों में हुआ कारोबार वर्ष बिक्री
2019-20 10.30 करोड़
2018-19 11.10 करोड़
2017-18 10.60 करोड़ लॉकडाउन के पहले से ही खादी का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए नया आर्डर नहीं दे सकते। लेदर से बने सामान की बिक्री पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

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