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प्रदेश में लाखों शिक्षक -शिक्षिकाएं बेरोजगार पढ़िए ये रिपोर्ट

(बलरामपुर/उतरौला) कोरोना वायरस संक्रमण से लगभग 2 वर्ष से प्राइवेट शिक्षक बेरोजगार हैं। कोरोना की प्रथम लहर में सभी विद्यालय बन्द होने के कारण उनकी कोई आमदनी नही हो पाई ।

बीच मे कुछ ही समय विद्यालय खुलने के पश्चात कुछ दिन बाद ही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आ गयी और अब तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है । विद्यालय और कोचिंग संस्थान भी बंद हैं। जिससे प्राइवेट शिक्षकों की समस्या दुगनी हो गयी।
कोरोना वायरस के खौफ से होम ट्यूशन भी बंद हैं। अब प्राइवेट शिक्षक-शिक्षिकाओं की आमदनी पूरी तरह से बंद है। प्राइवेट विद्यालय के शिक्षक अंकुर श्रीवास्तव, मनीष सिंह ,शिवम कुमार,देवेंद्र कुमार,सोमदेव यादव ,सुमित गुप्ता आदि अध्यापकों से बात करने पर उन्होंने बताया कि इस समय समस्या इतनी बढ़ गयी है कि अब कोरोना काल मे अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो भुखमरी का सामना करना पड़ेगा और दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ेगा । कोरोना मारे या न मारे लेकिन बेरोजगारी मरने पर मजबूर कर देगी। अतः सरकार से अपील है कि इस कोरोना काल और लाकडॉउन की अवधि में शिक्षकों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए उनके परिवार के भरण-पोषण के लिए कुछ सहायता राशि देकर या किसी अन्य माध्यम से इसका कुछ निस्तारण करें। क्योंकि यदि शिक्षक ही टूट जाएगा तो शिक्षा का स्तर कैसे ऊंचा हो पायेगा ।

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