प्रदेश

हत्यारे घूम रहे खुलेआम निर्दोष पहुंचे सलाखों के पीछे मृतक का भाई हत्यारों की गिरफ्तारी को भटक रहा है दर-दर

रिपोर्ट:-मुकेश कुमार उपाध्याय

 

जहां एक ओर उत्तर प्रदेश के पुलिस पुलिस के मुखिया के द्वारा अधीनस्तों को फरियादियों के प्रति सवेंदना व्यक्त करते हुए उनकी फरियादों को सुनकर जल्द निस्तारित करने के लगातार आदेश दिए जाते रहते है,लेकिन प्रदेश की पुलिस किसी भी तरह का कोई सबक लेने को तैयार ही नहीं है,यही कारण है यूपी पुलिस पर तमाम तरह के आरोप लगते नजर आते है,जिसको लेकर यूपी पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े होजाते है,।

दरअसल पूरा मामला अलीगढ़ के थाना टप्पल क्षेत्र के गांव पीपली का है,बीते दिनों अपने भाई के हथियारों की गिरफ्तारी ना होने से नाराज युवक के द्वारा थाने का घेराव करने की बात कही थी वहीं युवक के द्वारा थाने का घेराव करते हुए थाना परिसर के बाहर परिवारीजनों के साथ धरने पर बैठ गया था और न्याय की मांग कर रहा था, और पुलिस द्वारा इसमें 2 दिन का समय दिया था लेकिन आपको बतादें प्रार्थी प्रकाश के भाई नीरू की हत्या बीते 25 सितंबर को साजिसन गांव के लोगों के द्वारा कर दी गई थी ,

जिसमें आरोपियों के द्वारा सांठ गांठ करके अपराध संख्या 25/20 में मुकदमा अन्य व्यक्तियों पर लिखवा दिया था,साथ ही मुकदमे में आरोपी ही गवा बन गए,लेकिन जब दूसरे दिन म्रतक के भाई के द्वारा थाना टप्पल पुलिस को जानकारी दी गई कि जो तहरीर पीड़ित के द्वारा दी गई थी उस तहरीर में आरोपियों के द्वारा ही नाम खुद लिखे गए थे साथ ही आरोपी ही तहरीर में गवा बन गए है,।

और निर्दोष लोगों को साजिसन फंसा दिया गया है,लेकिन पुलिस के द्वारा पीड़ित की एक ना सुनी गई और बेकसूर लोगों को जेल भेज दिया गया, वहीं जब पीड़ित के द्वारा अन्य आलाअधिकारियों को प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि बीते दिनों हुई उसके भाई की हत्या के मुकदमें में बन्द आरोपी बेगुनाह है और असली गुनाहगाह बाहर घूम रहे तो आलाअधिकारियों के द्वारा 3 महीने बाद तक कोई कार्यवाही नहीं कि गई,।पीड़ित का कहना है उसके भाई की हत्या के असली कातिल आज भी उसको तमाम तरह की धमकी देते है,और उसके घर के आगे कैमरा लगाकर उसके परिवार की हर स्थिति पर गंदी नजर रखते है,।

यही कारण है न्याय ना मिलने पर पीड़ित के द्वारा टप्पल थाने का घेराव करते हुए परिवार के साथ सुबह 10 बजे से धरने पर बैठा गया ,और न्याय किया आस लगाकर, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करता रहा ,पीड़ित का आरोप है 80 दिन से ज्यादा अधिकारियों के चक्कर लगाते गुजर गए लेकिन इंसाफ नहीं मिला उनको बिना बताए तहरीर लिख दी गई और दसखत करवालिये गये बेगुनाह जेल में है और हथियारे बाहर घूम रहे है,आखिर पुलिस न्याय दिलाने से क्यों पीछे हट रही है,यही कारण है मजबूर होकर उनको धरने पर बैठना पड़ा था लेकिन पुलिस ने 2 दिन का समय मांगा था लेकिन 2 दिन बाद भी पीड़ित को नहीं सुना गया अब देखने वाली बात यह रहेगी क्या पीड़ित को यहां की पुलिस न्याय दिला पाएगी या नहीं।

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