उत्तर प्रदेश

किसान फसलों के अवशेष जलाएं नहीं बल्कि प्रबंधन बनाकर खेत की मिट्टी में मिलाए, धान की फसल को सरकारी क्रय केंद्रों पर ही बेचे किसान -एडीएम

रिपोर्ट:-सरताज सिद्दीकी

पीलीभीत के एडीएम ने ग्राम प्रधानों के साथ मीटिंग कर कहा की किसान फसलों के अवशेष जलाए नहीं बल्कि प्रबंधन बनाकर खेत की मिट्टी में मिलाए।पराली किसान के लिए बहुत ही उपयोगी है।वहीं धान की फसल को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए कहा साथ ही किसानों से विचौलियो अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही।

बिलसंडा ब्लॉक के अटल सभागार में एडीएम देवेन्द्र कुमार मिश्रा ने ग्राम प्रधानों के साथ मीटिंग कर कहा की आप अपने क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि है किसानों को जागरूक करें कि फसल के अवशेष को जलाए नहीं बल्कि उसका प्रबंधन बनाकर खेत की मिट्टी में मिलाए पराली किसान के लिए बहुत ही उपयोगी चीज है जिसे हम बेकार समझ कर फेंक देते हैं।

वहीं सभी तत्व होते हैं जो फसल को पैदा करने में जरूरी होते हैं अवशेषों को अगर खाद के रूप में कन्वर्ट करके मलचर से खेत में जोतकर उसी मिट्टी में वापस करते हैं तो खेत की उर्वरकता पहले जैसी बनी रहेगी जिससे आने वाले समय में खेत में ज्यादा सिचाई और खाद की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसान को फसल पैदा करने में लागत कम आएगी और उत्पादन ज्यादा होगा।

वहीं एडीएम ने धान खरीद को लेकर किसानों को जागरूक किया कहा अगर दो कांटो की 600 कुंटल तोलने की क्षमता है वहां 2000 कुंटल धान किसान लेकर पहुंच जाते हैं भीड़ लगने की वजह से खरीद प्रभावित हो जाती है।विचौलियों की अफवाहों में ना आकर किसान अपना पंजीकरण कराकर धान की फसल को क्रय केंद्र पर ले जाएं और टोकन लेकर धान तुलबाए।

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