प्रदेश

कृषि बिल के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने दिल्ली की तरफ किया कूच

रिपोर्ट:-राशिद खान

 

कृषि बिल के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने दिल्ली की तरफ कूच कर दिया है।जिसके बाद अब पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान भी इन्हीं किसानों के समर्थन में उतर गए हैं।हालांकि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते किसानों ने कमिश्नर को भी ज्ञापन देकर विरोध जताने का मन बना लिया है।

जिसके चलते आज मेरठ के कमिश्नर कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन हुआ।किसानों ने कृषि बिल के विरोध में जमकर नारेबाजी की साथ ही इसे काला कानून करार देते हुए सरकार के विरोध में भी नारेबाजी की।किसान नेताओं की मानें तो किसानों के कई संगठनों ने मिलकर कमिश्नर कार्यालय पर आज प्रदर्शन किया है।

जहां एग्रीकल्चर सेक्टर में कॉरपोरेट लॉबी के हावी होने का खतरा जताते हुए किसानों के हित में सरकार को फैसला लेने की बात कही है।उन्होंने कहा कि अगर अनलिमिटेड स्टॉक होगा तो जमाखोरी बढ़ जाएगी और देश में फसल का मूल्य और भी ज्यादा बढ़ जाएगा।

हालांकि किसान को बड़े हुए मूल्य के अनुसार अपनी लागत मूल्य भी वसूलना भारी पड़ रहा है।इसके अलावा उन्होंने मंडी समिति को खत्म करने पर भी विरोध जाहिर किया।उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल को सीधे तौर पर बेचना चाहता है लेकिन अगर मंडी ही खत्म हो जाएगी तो फिर किसान कहां अपनी फसल बेचेगा।

उन्होंने पंजाब और हरियाणा के किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही इन मामलों पर ध्यान नहीं दिया तो पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान भी हरियाणा और पंजाब के किसानों की तर्ज पर दिल्ली कूच करेंगे।वहीं उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों पर पुलिस के द्वारा पानी की बौछार करने और लाठी चार्ज करने पर भी विरोध जाहिर किया।

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