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मां मैं बेटी थी इसीलिए या कोई और थी मजबूरी’जाको राखे साईयां’ मार सके ना कोई’

रिपोर्ट:-राशिद खान

 

कहते है जिसपर ईश्वर का आशीर्वाद होता है उसका कोई बाल-बाका नही कर सकता है। ये कहानी नही बल्कि मेरठ की हकीकत बया हुई है।आइए आपको एक ऐसी घटना से रुबरु कराते है जिसे देखकर आप दंग रह जाएगे और आपका दिल पसीज जाएगा।मेरठ में कचरे के ढेर पर एक नवजात बच्ची मिली है।इसे एक बैग में बंद करके दो प्लास्टिक के बोरों में डालकर मरने के लिए फैंका गया था। लेकिन पुलिस और डाक्टरों ने मिलकर बच्ची की जान बचा ली है।सैकड़ो हाथ अब इस बच्ची की मदद और उसे अपनाने के लिए आगे आये है।

जिसका कोई नही उसका खुदा है यारो’ मेरठ में ममता को किया शर्मसारः बिटिया पैदा हुई तो कचरे के ढ़ेर पर फेंक कर हुए फरार’ बेटी का क्या है कसूर’बेटी क्यों है माता-पिता के लिए बोझ’एक बेटी को अपनाने के लिए देश में उठे सेकड़ो हाथ’फरिश्ते के रूप में नवजात शिशु का इलाज’नवजात शिशु कूड़े के ढेर पर मिलने से सबकी आँखे हुई नमःआइए हम कसम खाते है बेटी बोझ नही हमारा है स्वभिमान।

कचरे के ढेर पर सीमेन्ट के इस प्लास्टिक बैग के अंदर एक और प्लास्टिक बैग निकला और उसमें से निकला एक काले रंग का बैग।लेकिन इस बैग के अंदर मिली नन्ही परी।मेरठ के परतापुर में राहगीरों ने जब इस प्लास्टिक बैग को देखा तो 3 कुत्ते इसे घेरकर बैठे थे।लेकिन कुत्तो को भगाकर राहगीरों ने जब बैग खोला तो नन्ही परी फरिश्ता बनकर निकली।वह ईश्वर से अपनी जिंदगी के लिए रो रही थी।राहगीरों ने पुलिस को बुलाया और पुलिस उसे लेकर अस्पताल आ गयी।डाक्टरों ने खून और गंदगी में लिपटी नन्ही परी को साफ-सुथरा किया और उसका इलाज शुरू कर दिया।नन्ही परी अब एकदम स्वस्थ है।वह भूख लगने पर रोती है तो मेरठ के जिला महिला अस्पताल की सिस्टर उसे बोतल से दूध पिला रही है।नन्ही परी ने जीवन के लिए कितना संघर्ष किया।उसका इलाज करने वाले डाक्टर विवेक चौधरी खुद बया कर रहे है।

चमत्कार देखिये कि तीन लेयर में मरने के लिए छोड़ी गई परी घंटो जिंदा रही और बोरे में बंद होते हुए रोयी और दुनियां को मदद के लिए पुकारा।उसे इस तरीके के पैक किया गया था कि वह रो-रोकर मर जाये।लेकिन ईश्वर की मर्जी कुछ और थी।शायद बच्चे की आवाज सुनकर ही कुत्तो ने इस बैग में अपना निवाला नही खोजा।वह जब अस्पताल में पहुंची तो भूखी थी।उसका शुगर लेबल 40 पहुंच चुका था।ग्लूकोज के जरिये भोजन उसके शरीर तक पहुंचा और अब वह खुद दूध पीने के काबिल है।

उसे जन्म देने वाली मां मजबूर थी या फिर उसे मजबूर करने वाला कोई और है।यह तो शायद ही पता चल सके लेकिन सोशलमीडिया पर परी का वीडियो वायरल हुआ तो देश भर से सैकड़ो लोग उसे अपनाना चाहते है।उसकी मदद करना चाहते है।

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