फोटो

मेरठ गरीबों को मिलने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना 1 साल से रुकी कड़कड़ाती ठंड के दिनों में झोपड़ियों में गुजारने को मजबूर

मेरठ में सैकड़ो गरीबों को मिलने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद एक साल से रोक दी गई है. पक्के घर के भरोसे में गरीबों ने अपना मकान ढहा दिया लेकिन कड़कड़ाती ठंड के दिन झोपड़ियों में गुजारने पड़ रहे है.

– केंद्र सरकार से मिलने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद पहले कोरोना और फिर अफसरों की लापरवाही के चलते अटक गई है. मेरठ के शहरी और ग्रामीण इलाकों में ऐसे सैकड़ों गरीब हैं जो 1 साल से सरकारी मदद के इंतजार में हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र घोषित किए जाने के बाद इन्हें सरकारी मदद की पहली किस्त मिली तो मौजूदा कच्चे घरों को जमींदोज करके पक्के मकान बनाना शुरू कर दिया. लेकिन दीवारें तक ही बन पाई और सरकारी मदद रुक गई. 1 साल से जिले के अफसरों ने इस योजना के पात्रों को फूटी कौड़ी नहीं दी है. नतीजतन, अब गरीबों का आशियाना खुला आसमान है… चाहे दिन बारिश के हो या फिर कड़कड़ाती ठंड के.-

PMAY के लाभार्थी

PMAY के लाभार्थी

गरीबों के घरों में बुजुर्ग भी हैं और मासूम बच्चे भी. मगर 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की ठंडी रात पॉलिथीन की छत के तले गुजारना उनकी मजबूरी है. छोटे बच्चे पूरी रात कंपकपाते रहते हैं लेकिन मां-बाप के पास कोई चारा नहीं. 1 साल में दर्जनों बार प्रधानमंत्री आवास योजना के यह लाभार्थी गरीब जिले के लेकर मंडल तक के अफसरों की चौखट पर फरियाद कर चुके हैं. मगर मदद नहीं आई. अफसर पहले कोरोनावायरस महामारी के दौर को बजट रुकने का सबब बताते रहे लेकिन लॉकडाउन खुले हुए महीनों बीत गए. अब अफसरों के पास कोई तर्क नहीं है इसलिए हफ्ते दर हफ्ते मियाद बढ़ती चली जाती है.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *