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मोदी की तुलना भगवान राम से करके उत्तराखंड के सीएम ने सनातन धर्म की आस्था पर प्रहार किया गुरु चरण सिंह अध्यक्ष BSS सेना

न्यूज़ एडीटर Mtv भारत तारिक अन्सारी

 

 

हरिद्वार: आज हरिद्वार मे भारतीय सम्राट सुभाष सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरुचरण सिंह चौहान ने एक बयान जारी करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से माफी मांगने की मांग की है। चौहान ने कहा है की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म के साथ मज़ाक किया है जिसके लिए लोग उन्हे माफ नहीं करेंगे। आपको बता दें मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड के नये मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना भगवान राम से की थी। उन्होंने कहा था कि भगवान राम ने समाज के लिए अच्छा काम किया था। इसलिए लोग उन्हें भगवान मानने लगे थे। इसी तरह भविष्य में प्रधानमंत्री के साथ भी ऐसा ही होगा। आगे तीरथ ने कहा था ”पहले के समय की तरह, भगवान राम ने समाज के लिए अच्छा काम किया था इसलिए लोग उन्हें भगवान मानने लगे थे। इसी तरह भविष्य में हमारे प्यारे प्रधानमंत्री के साथ भी ऐसा ही होगा।”

चौहान ने अपने बयान मे कहा कि तीरथ सिंह रावत जैसे चापलूसों को माफी मांगना इसलिए जरूरी है क्यूंकी ऐसे लोगों से ही देश का सर्वनाश हो रहा है जो धर्म को राजनीति के पलड़े मे रखकर तोल रहे हैं। आगे उन्होने कहा कि अपने आका नरेन्द्र मोदी को खुश करने के लिए तीरथ ने ये बयान भले ही दिया हो लेकिन मोदी जैसे हजारों जन्म ले ले तो भी राम भगवान का अवतार जीवन में नहीं बन सकते। चौहान ने कहा की नरेंद्र मोदी ने एक भी काम ऐसा नहीं किया जिससे की भगवान राम की तुलना मोदी से की जाए। आगे उन्होने अपने बयान मे कहा की मोदी ने जनता को परेशान ही किया है लोगों के रोजगार चीन लिए शराब के ठेके खोल दिये गए जो गलत है

आगे चौहान ने अपने बयान मे कहा की कि तीरथ जैसे लोग सनातन धर्म की आस्था और भगवान दोनों के साथ खिलवाड़ रहे हैं तीरथ जैसे लोग ही हैं जो आदमी को भगवान का दर्जा देकर अपना राजनीतिक फायदे की सोच रहे हैं ऐसे लोगों ने देश को मिट्टी में मिला दिया है, देश को अडानी अंबानी के यहां गिरवी रखा दिया है। ऐसे अवतार बताने वाले लोगों की तो सरकार ही गिरा देनी चाहिए। और जनता को ऐसे लोगों को नकारना चाहिए। चौहान ने कहा सीएम तीरथ ने सनातन धर्म की आस्था पर प्रहार किया है अगर उनकी जुबान से धोखे से ये शब्द निकले हैं तो उन्हे जनता से माफी मांगने मे शर्मिंदगी नहीं होनी चाहिए।

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