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मुज्जफरनगर में केंद्र सरकार के विरोध में उतरे कांग्रेसी ये है कारण

रिपोर्ट:-संजीव कुमार

मुज़फरनगर में अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के तत्वाधान में आज मुज़फ्फरनगर के GIC मैदान में केंद्र सरकार के विरुद्ध हल्ला बोल महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमे केंद्र सरकार द्धारा जारी किये हगाये किसान बिल को वापस कराये जाने के साथ साथ किसानो की समस्याओ को लेकर केंद्र सरकार के विरुद्ध रणनीति बनायीं गयी।क्षेत्र के हजारो किसान आज इस महापंचायत में उपस्थित रहे,वंही इस महा पंचायत में मुख्य रूप से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के अलावा कोंग्रेस के पूर्व सांसद और विधायकों के अलावा भरी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुज़फ्फरनगर में आज कांग्रेस के पूर्व सांसद एवं कांग्रेस पार्टी के सलाहकार हरेंद्र मालिक और उनके पूर्व  विधायक बेटे पंकज मालिक के नेतृत्व में आज हजारो किसान महापंचायत में उपस्थित रहे।मुज़फ्फरनगर के बुढ़ाना मौड़ पर सैंकड़ो ट्रेक्टर ट्रॉलियों और बसों में सवार हजारो किसानो ने किसान विरोधी केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारे बाजी की।

वंही हजारो किसानो की ट्रेक्टर ट्रॉलियों का आज मुज़फ्फरनगर की सडको पर कब्ज़ा रहा,कोंग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी अपने सैंकड़ो किसान समर्थको के साथ ट्रेक्टर पर बैठकर महापंचायत की और प्रस्थान करते  नजर आये, GIC मैदान हजारो किसानो से खचाखच भरा था,महा पंचायत में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष ने मंच से किसानो को सम्बोधित करते हुए किसानो की विभिन्न समस्याओ को लेकर केंद्र सरकार की निंदा की वंही सरकार द्वारा जारी किये गए किसान विरोधी बिल को वापस लिए जाने की मांग करते हुये सरकार को घेरा वंही किसानो के गन्ना भुगतान को लेकर प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा पर भी आक्रोश प्रकट किया।

किसान महापंचायत के आयोजक पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक का कहना है की सरकार इन बिलो को तत्काल वापस ले और उत्तम समर्थन मूल्य को लागू करें।मंडी के बाहर माल ना बिके दूसरा सरकार जनता की है कार्पोरेट लोगो की ना हो,ये देश किसी की प्रॉपर्टी नहीं इसको बेचने का अधिकार किसी को नहीं है।ये आम शहरी का देश है।

हमने ये प्रस्ताव किये है।दूसरा किसानो के साथ जो बतमीजी हुई है उसमे जो पार्टी निर्देश देगी वो होगा और मुज़फ्फरनगर साथ रहेगा।एक प्रस्ताव ये कि जो आदरणीय जयंत चौधरी जी के साथ हुआ है उसमे हम लोकदल के साथ कंधे से कन्धा मिला कर चलेंगे। और चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की जयंती पर उन्हें नमन किया।हमारे यह चार पांच प्रस्ताव है। किसान तो किसान है वो ना छोटा होता है और बड़ा होता है ना उम्र से और ना धर्म से,जो पीड़ित है वो सब आये है। जो निर्णय पार्टी लेगी हम उसको फॉलो करेंगे।

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