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मुजफ्फरनगर पुलिस का मकड़ जाल नाबालिग किशोर को भेजा हत्या के मामले में जेल 

रिपोर्ट:-संजीव कुमार

 

मुज़फ्फरनगर में थाना पुरकाजी पुलिस का मकड़जाल उस समय सामने आया जब पुरकाजी क्षेत्र में एक युवक की हत्या और लूट के जुर्म में एक 12 साल के अनाथ नाबालिग किशोर को पुलिस ने 15 दिन गैर कानूनी ढंग से हिरासत में रख हत्या के मामले में भेज दिया।

इतना ही नहीं हत्या के मामले में पुलिस की जांच के बाद पुलिस गिरफ्त में आये दो युवको ने पुलिस को दर्ज बयानों में युवक की हत्या कर लूट का जुर्म स्वीकार करते हुए नाबालिग किशोर का इस घटना में न होना स्वीकार किया है।

हद तो तब हो गयी जब पुलिस के जांच अधिकारी द्वारा जांच में नाबालिग बच्चे को हत्या से पहले घटना स्थल से भागना दर्शा कर हत्या की घटना में बिना किसी बरामदगी के भारतीय दंड संहिता की धारा 411 लगा दी गयी।

नाबालिग बच्चे की 80 वर्षीय वृद्ध दादी पुलिस के आला अधिकारियो के चक्कर लगाती रही,वंही पुलिस के उच्च अधिकारियो को मामले की जांच कर रहे अधिकारी के खिलाफ शिकायती प्रार्थना पत्र भेजकर अपने निर्दोष पोते की रिहाई की मांग करती रही।

उच्च अधिकारीयो द्वारा इस मामले की जांच उसी जांच अधिकारी को दे दी गयी। जिसकी शिकायत राहुल के परिजनों द्वारा की गयी थी। किशोर न्याय बोर्ड द्वारा भी पुलिस की पत्रावली बिना जाँच पड़ताल किये पुलिस को रिमांड दे दिया गया।नाबालिग किशोर के अधिवक्ता द्वारा किशोर न्याय बोर्ड में प्रार्थना पत्र देकर इस मामले की केस डायरी को तलब किये जाने का आग्रह किया गया।

जिस पर किशोर न्याय बोर्ड द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए केस डायरी को तलब किया गया।जिसमे पुलिस रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से यह स्वीकार किया गया था की घटना के समय नाबालिग किशोर मौजूद नहीं था।खाकी के खेल के चलते नाबालिग किशोर आज भी राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) नोएडा में रहकर अपनी रिहाई की बाट जोह रहा है वंही किशोर की 80 वर्षीय वृद्ध दादी हाथो में लाठी लेकर अपने निर्दोष पोते की रिहाई को लेकर कचहरी स्थित किशोर न्याय बोर्ड के चक्कर लगा रही है।

मुज़फ़्फरनगर के थाना पुरकाजी क्षेत्र में 19 अगस्त 2020 को क़स्बा निवासी मयंक सिंघल गायब हो गया जिस पर मयंक के पिता सुनील सिंघल द्वारा 21 अगस्त को थाना पुरकाजी में मयंक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 23 अगस्त को पुरकाजी के लक्सर रोड पर झाड़ियों में पड़ा मयंक का शव बरामद हुआ जिस पर थाना पुरकाजी में अज्ञात लोगो के विरुद्ध हत्या का मुक़दमा दर्जा किया गया था।पुलिस ने इस मामले में 05 सितम्बर 2020 को 12 वर्षीय नाबालिग किशोर राहुल निवासी पुरकाजी को हिरासत में ले लिया।

इसी बीच 13 सितम्बर 2020 को पुलिस ने मयंक की हत्या के मामले में वाजिद उर्फ़ बाजी उर्फ़ माज़ी एवं शमीम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की जिसमे वाजिद और शमीम द्वारा मयंक की हत्या कर 54,000 रूपये लूटकर आपस में बाँट लेना भी स्वीकार किया गया था।पुलिस द्वारा बाक़ायदा दोनों से पूछताछ का तस्करा GD N0 54 में दर्ज किया गया और वाज़िद और शमीम को हत्या के जुर्म में जेल भेज दिया गया।लेकिन पुलिस ने गैर क़ानूनी रूप से हिरासत में रखे राहुल को नहीं छोड़ा राहुल की 80 वर्षीय दादी सत्तो और राहुल की बुआ जिला पंचायत  सदस्य छोटी राहुल को थाने से छुड़ाने के लिए चक्कर लगाती रही,वंही पुलिस ने राहुल को थाने  से रिहा करने के बाबत राहुल की दादी और बुआ से पांच लाख रुपयों  की मांग की गयी,जिस पर 16 सितम्बर को 2020 को राहुल की दादी सत्तो द्वारा पुरकाजी कोतवाल जितेंद्र यादव और दरोगा लेखराज पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस के आला अधिकारी,पुलिस महा निदेशक उत्तर प्रदेश,पुलिस महानिरीक्षक मेरठ,एसएसपी मुज़फ़्फरनगर के अलावा प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत कर नाबालिग पोते राहुल की रिहाई की मांग की गयी।पुलिस के उच्च अधिकारीयो द्वारा भी इस मामले की जांच थाना पुरकाजी में तैनात उसी लेखराज दरोगा जी को सौंप दी गयी।जिसकी शिकायत सत्तो देवी द्वारा की गयी थी।पुलिस ने आनन फानन में नाटकीय रूप से राहुल का 19 सितम्बर 2020 को चालान  कर हत्या के मामले में शामिल कर दिया।इतना ही नहीं पुलिस ने इस मामले में बिना किसी बरामदगी के IPC की 411 धारा लगाकर जांच उच्च अधिकारीयो को अग्रसित कर दी गयी।जबकि पुलिस रिकॉर्ड के GD और जांच में भी पुलिस द्वारा यह अंकित किया गया है की इस मामले में कोई भी बरामदगी पुलिस को नहीं हुयी है।किशोर न्याय बोर्ड द्वारा इस मामले में पुलिस की केस डायरी को तलब किया गया जिसमे स्पस्ट रूप से अंकित किया गया था की कोई भी बरामदगी इस मामले में पुलिस को नहीं हुई तब जाकर किशोर न्याय बोर्ड द्वारा निर्देशित करने पर पुलिस द्वारा IPC की 411 धारा को हटाया गया।राहुल की बूढी दादी अपने पोते की रिहाई के लिए कचहरी में दर दर की ठोकरे खा रही है।

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