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पढ़े लिखे बेरोजगारों को ठगने वाले गिरोह का सर्विलांस टीम और पुलिस ने किया भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

रिपोर्ट:-राशिद खान

 

मेरठ में सर्विलांस टीम ने मेडिकल थाना पुलिस के साथ मिलकर एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है।टीम ने गिरोह के तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।ये आरोपी बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे।

 

पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, 16,500 रुपये नकद,एक सफेद सैंट्रो कार,असम राइफल,दिल्ली पुलिस,एफ.सी.आई,एम.ई. एस के फर्जी नियुक्ति पत्र,विभिन्न व्यक्तियों की ओरिजनल अंक तालिकाएं,खाली व लिखें हुए स्टांप पेपर,मोहरें और 10 बैंक खातों की पासबुक व चैक बुक बरामद किए गए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह का मास्टर मांइड योगेंद्र शर्मा है।जोकि अपने साथियों के साथ मिलकर बी.ए,एमए और बीएड किए हुए बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर जाल में फंसाते थे।इनका नेटवर्क कई राज्यों में फैला है।

हरियाणा,दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के बेरोजगार युवकों को आर्मी,राजस्थान पुलिस,दिल्ली पुलिस,हरियाणा पुलिस,असम राइफल,एफ.सी.आई एवं एम.ई.एस आदि में नौकरी दिलवाने के नाम पर एक युवा से तीन से छह लाख रुपये तक लेते थे।

गिरोह के सरगना योगेंद्र शर्मा ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वो अपने साथियों के साथ मिलकर ऐसे बेरोजगार युवकों को तलाशते थे,जो इंटर,बी.ए और बीएड करने के बाद सरकारी नौकरी के लिए प्रयास करते थे।

गिरोह के लोग ऐसे ही जरूरतमंद युवकों को अपने झांसे में फंसाते थे।उन्हें आर्मी,पुलिस,एफ.सी.आई आदि में सरकारी नौकरी दिलाने के लिए तैयार कर लेते थे।इसके बाद उन्हें अपने साथ गाड़ी में बैठाकर लखनऊ या दिल्ली ले जाते थे।

जहां किसी होटल में अपने गिरोह के दूसरे सदस्य से मिलवाते थे।गिरोह का ही एक सदस्य सरकारी विभाग का अफसर बनकर उनसे मिलता था और उनसे सभी जरूरी कागज जैसे,अंक तालिका,आधार कार्ड, जाति व निवास प्रमाण पत्र आदि अपने पास जमा करा लेते थे।

इसके अलावा व्यक्ति की जरूरत व सरकारी विभाग के अनुसार तीन से छह लाख रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर ले लेते थे।इस गिरोह में शामिल अन्य अभियुक्तो की तलाश में पुलिस प्रयासरत है ।

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