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पीलीभीत-चार क्रय केंद्र और गन्ना खरीद का एक केंद्र के आसपास बाघ के होने की खबर पोस्टर लगाकर लोगों को दी जा रही सूचना

रिपोर्ट:-सरताज सिद्दीकी

 

पीलीभीत में बीते कई दिनो से बाघ से जुड़ी खबरे सामने आ रही है जिसके चलते आज किसानों को बाघ से दिक्कत की सूचना मिल रही है जिस जगह पर बाघ है उस जगह धान के चार क्रय केंद्र और गन्ना खरीद का एक केंद्र लगा हुआ है इन केंद्रों पर जगह जगह पर पोस्टर लगाकर लोगों को बताया जा रहा है कि आस पास बाघ है सावधान रहें वही लोगों को आते जाते बाघ आराम से दिख रहा है हम आपको आज बताएंगे कि बाघ ने इस जगह पर अपना डेरा क्यों जमा रख जमा रखा है और क्यों किसी पर अटैक नहीं करता हमारी HNN की टीम ने मौके की पड़ताल की है।और बाघ पर नज़र बनाये हुए हैं, बीते इन तीन दिनों में कई बार बाघ देखने को मिला देखिए इस स्पेशल रिपोर्ट में

पीलीभीत की तहसील कलीनगर क्षेत्र में लगे धान के इन क्रय केंद्रों पर रात दिन किसान अपना धान बेचने आते हैं लेकिन जरा गौर से देखिए क्या लिखा है। यहां आसपास बाग है सावधान रहें तहसील कलीनगर  से गुजरने वाली हरदोई ब्रांच नहर को बाघ ने अपना घर बना लिया है नहर के दोनों तरफ धान के चार क्रय केंद्र और गन्ना तौल का एक सेंटर लगा है। लोगों को सावधान करने के लिए गांव वालों ने क्रय केंद्रों पर जगह-जगह पर किसानों के लिये लिखवा दिया है आप लोग सावधान रहे कि पास में बाघ है इतना ही नहीं गन्ने के सेंटर पर भी दहशत बनी हुई है यहां पर तो ट्राली में जाल लगाकर लोग अंदर रहते हैं जहां-जहां बाघ की दहशत है वहां पर काफी लोग इकट्ठा होकर एक साथ नज़र आते है। केंद्रों पर किसान और गांव वाले बाघ से परेशान है।रोज की तरह ठीक 4:00 से 5:00 बजे के बीच बाघ आता है और सबको दिख रहा है आप लोग देख रहे हैं जैसे ही बाघ का निकलने का समय हुआ लोगों में हलचल मच गई लोग कहने लगे वह देखिए बाघ है।आराम से नहर के अंदर से बाघ दूसरी तरफ जा रहा है।डीएफओ ने नहर के दोनों तरफ सड़कों को बंद करा दिया और मौके पर कई कैमरे लगा दिए हैं साथ ही स्टाफ को तैनात कर दिया है और खुद मौके पर तैनात है,,बाघ यहाँ क्यों रुका है इसकी जांच पड़ताल हमारे संवाददाता ने कर ली,जिसकी पुष्टि खुद dfo कर रहे है।जरा गौर से देखिए सूखी नहर किनारे बाघ झाड़ियों में है और इस समय नहर में पानी नहीं है इसलिए बाघ नहर को क्रॉस कर जा रहा है।अधिकारियों का प्रयास है कि टाइगर सकुशल जल्दी जंगल में चला जाए वहीं वन विभाग की टीम लोगों को जागरूक कर रही है।संजीब कुमार dfo की माने तो कलीनगर में नहर के उस तरफ पशुओं के शव डाले जाते हैं जो कि गौशाला से आते हैं यहां पर शव डालना ठीक नहीं है।रेंज अधिकारियों ने संपर्क किया अब मरे हुए पशुओं के अवशेष नहीं डाले जाएंगे बाकी निगरानी के लिए 9 कैमरे भी लगाए गए है।अमूमन बाघ बिना कोई शिकार किए इतने दिन एक जगह पर नहीं रुकता हमारे संवाददाता ने जब इसकी पड़ताल की तो बात सामने निकलकर आईं वो हैरान करने वाली थी नहर के दूसरी तरफ जिधर आप बाघ जाते हुए देख रहे है,उधर गौवंशीय पशुओं के अवशेष डाले जाते हैं जिसकी गंध के कारण बाघ यहां आकर रुक गया,बाघ बिना शिकार किए अपना पेट भर लेता है और इस जगह को नहीं छोड़ रहा है।बाघ को स्क्रीन पर आप लाइव देख रहे हैं बाग बहुत ही सीधा है और उसने अभी तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है।फिलहाल कुछ भी हो बाघ कितना भी सीधा हो उसका नाम ही काफी है।लोग दूर दूर से बाघ को देखने आते लेकिन कलीनगर के कई गांव जो नहरों के किनारे बसे है उनमें दहशत का माहौल है

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