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पीलीभीत में मँहगा पड़ा किसान को पराली जलाना, जिलाधिकारी ने जुर्माना लगाने के साथ किसान को किया सब सरकारी सेवाओं से वंचित

रिपोर्ट:-सरताज सिद्दीकी

जनपद पीलीभीत के थाना अमरिया क्षेत्र के गांव कटैया पंडरी में एक किसान को पराली जलाना बेहद ही महंगा पड़ गया, अमरिया तहसील क्षेत्र के रहने वाले किसान रंजीत सिंह ने अपने खेत में फसल की पराली जलाई थी, जिसको लेकर जिला प्रशासन की पराली प्रबंधन समिति के कंट्रोल रूम से सेटेलाइट के द्वारा पराली जलाने को ट्रैक किया गया, जिसके आधार पर जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बड़ी कार्रवाई करते हुए किसान रंजीत सिंह पर तत्काल प्रभाव से एफआइआर के आदेश दिए,साथ ही पराली जलाने पर जुर्माना लगाया,।

इतना ही नहीं जिलाधिकारी पुलकित खरे ने किसान के चरित्र एवं हैसियत प्रमाण पत्र को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया,और ट्रैक्टर को भी सीज कर दिया,और सभी सरकारी योजनाओं से वंचित करने के भी आदेश दे दिए। वही सपा सरकार के पूर्व राज्य मंत्री हेमराज वर्मा ने किसान के ऊपर की गई कार्यवाही से मौजूदा सरकार की कड़ी आलोचना की और कहा आने वाले समय में यही किसान सीएम योगी को जमीन पर लाने का काम करेंगे।

इसके साथ ही जिलाधिकारी पुलकित खरे ने पराली प्रबंधन समिति में लगी ड्यूटी में तैनात लेखपाल,सचिव और किसान सहायक को लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया,इतना ही नहीं जिलाधिकारी पुलकित खरे ने अमरिया तहसील के तहसीलदार व आमरिया के थाना अध्यक्ष को भी लिखित चेतावनी दी, साथ ही बिरहनी चौकी इंचार्ज व बीट सिपाही के निलंबन को लेकर एसपी जयप्रकाश यादव को भी निलंबन की संस्तुति भेजी है।

जनपद में प्रदूषण को विशेष ध्यान देते हुए पराली जलाने की रोकथाम को लेकर कलेक्ट्रेट के विकास भवन में पराली जलाने को रोकने के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसके द्वारा पूरे जनपद में पराली जलाने पर सेटेलाइट के माध्यम से ट्रैक करने के लिए बनाया गया है जिससे किसी भी तरह से कोई किसान पराली ना जला सके।डीएम पुलकित खरे का कहना है कि पराली को जलाने के अतिरिक्त पराली को नष्ट करने के कई विकल्प है अगर किसान खेतो की पराली काटकर गौशाला भेजेगा तो उसे राज वित्त से धनराशि मिलेगी।

इसके साथ ही डी कम्पोजर से पराली को नष्ट कर सकते है इसके साथ ही किसान चाहे तो मनरेगा से पराली की कटाई किसान करा सकता है वही कृषि विभाग भी पराली के निस्तारन के लिए कई यन्त्र उपलब्ध करा रहा है उधर किसानो का कहना है कि सरकारी योजनाओं से वंचित करना ये कार्यवाही ठीक नही है किसान का धान बहुत कम रेट में बिक रहा है खेत मे पराली काफी इकठ्ठा हो जाती है कृषि यंत्र न होने के चलते पराली जलाना पड़ती है फिर भी वो अब ऐसा नही करेगा और किसानों को भी जागरूक करेंगे।

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