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सब की आवाज फाउंडेशन के तत्वाधान में जूम एप पर ऑनलाइन मुशायरा किया गया आयोजित

रानियापुर बलरामपुर – सब की आवाज फाउंडेशन (पंजीकृत) के तत्वावधान में जूम ऐप पर 28वां ऑनलाइन मुशायरा आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता श्री सालिक बस्तावी साहब ने की और संचालन शोएब सिराज गुजराती ने की मुख्य अतिथि के रूप में हास्य कवि महशर फैजाबादी शामिल रहे। इस मुशायरे के संयोजक अताउल्लाह खान सादिक साहिब थे। मुशायरे की अध्यक्षता करते हुए श्री सालिक बस्तावी ने कहा कि इस दौर की ग़ज़ल का दायरा इतना व्यापक कभी नहीं रहा जितना कि आज है। आज, सभी प्रकार के विचार और विषयों को महान शैली और सफलता से ग़ज़ल के दामन में भरा जा रहा है और उन्होंने सभी कवियों को बधाई देते हुए कहा कि अगर इसी तरह अताउल्लाह ख़ान सादिक़ की मेहनत जारी रही, तो ईश्वर की इच्छा से सब की आवाज़ फाउंडेशन की भीनी-भीनी ख़ुशबू उर्दू दुनिया में फैलेगी और लोगों के दिलों को सुगंधित कर देगी।
तरही मिसरा :-
1. तुम मेरे हो न सके मैं भी तुम्हारा न रहा
2. तुझी को दिल से लगाएं तुझी को प्यार करें

पसंदीदा पंक्तियां पाठकों के लिए

सफ़र तवील है कश्ती है मौजे दरिया में
भंवर से डुबती कश्ती को हमकिनार करें।
सालिक बस्तवी

सर पे जिस रोज़ से जुम्मन के बंधा है सहरा
एक लवंडा भी मुहल्ले में कुंवारा न रहा।
महशर फैज़ाबादी

बग़ैर अक़्द के मुमकिन नहीं तु हां कर दे
तुझी को दिल से लगाएं तुझी को प्यार करें।
अताउल्लाह खान सादिक़

यह गुमां था के पिसर होंगे असाऐ पीरी
जब पिदर बुढ़ा हुआ कोई सहारा न रहा।
असदुल्ला असद अमवावी

ख़ुलूस दिल से लिपट जाना अपने दुश्मन से
सियासी लोग दिलों में अगर दरार करें।
रईस सिद्दीकी बहराइच

जिस शहर ने किया दीदार तिरा फिर दिलबर
उस शहर में कोई ग़म का भी तो मारा न रहा।
आबिद नवाब सहारनपुरी

जब से सीखा है तिजारत में मुशक़्क़त करना
फिर मिरे रिज़्क़ में ऐ शाद ख़सारा न रहा।
शाद बलरामपुरी

घर की दहलीज़ पे ग़ुरबत ने दिया जब दस्तक
फिर कोई मोनिसो मुख़लिस भी हमारा न रहा।
काज़िम शिराज़ि

किसी के ज़ख्म पे मरहम रखें मुहब्बत में
लिपट के जिस्म से दामन न दाग़दार करें।
तजम्मूल हुसैन बलरामपुरी

इनके अलावा डॉ. गुलनाज सिद्दीकी रामपुरी, क़मरुज़्ज़मां चंपारणी फ़राज़ मुरादाबादी, शाग़िल तनवीर आदि भी उपस्थित थे। अंत में मुशायरा संयोजक अताउल्लाह खां सादिक ने सभी का धन्यवाद करते हुए देश और राष्ट्र की सर्वोच्चता की दुआ मांगी और संचालक महोदय की घोषणा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.

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