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संभल की आँचल ने सुसाइड करने से पहले देश के प्रधानमंत्री को लिखा 19 पेज का पत्र, लिखीं ये बाते

रिपोर्ट:-सतीश सिंह

 

संभल। बबराला क्षेत्र के 15 साल की आंचल नाम की छात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित 19 पेज का सुसाइड नोट लिखा स्वतंत्रता दिवस से 1 दिन पहले लिखा मोदी के नाम लेटर मुख्य बिंदु प्रदूषण पर जताई चिंता सुझाए उपाय जनसंख्या रोकने के लिए बनाये सख्त कानून आँचल को पसंद नही थी यह दुनिया मन्दिर का बनाए मठ हटाए मांसाहार का होटल सुसाइड के लिए नहीं कोई जिम्मेदार मनमानी करने वाले डॉक्टरों पर हो कार्यवाही और उसमें बिना किसी को सुसाइड की जिम्मेदारी दिए कहा कि मेरे सुसाइड का कोई जिम्मेदार नहीं है। और उसमें प्रधानमंत्री से प्रदूषण पर भी चिंता जताई है। और उसके सुझाव भी दिए। तो वही जनसंख्या रोकने के लिए भी सख्त कानून बनाने की मांग की। हालांकि पुलिस द्वारा यह सुसाइड नोट अभी गुप्त ही रखा गया हैं।

हम आपको बताते चलें कि पूरा मामला जनपद संभल के बबराला कस्बा निवासी 15 साल की छात्र आंचल गोस्वामी स्वतंत्रता दिवस से 1 दिन पहले लिखा मोदी के नाम लेटर मुख्य बिंदु प्रदूषण पर जताई चिंता सुझाए उपाय जनसंख्या रोकने के लिए बनाये सख्त कानून आँचल को पसंद नही थी यह दुनिया मन्दिर का बनाए मठ हटाए मांसाहार का होटल सुसाइड के लिए नहीं कोई जिम्मेदार मनमानी करने वाले डॉक्टरों पर हो कार्यवाही ने स्वतंत्रता दिवस से 1 दिन पहले आत्महत्या कर ली आत्महत्या से पहले उसके द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए लिखा गया 19 पेज का सुसाइड नोट मिला है इसमें आंचल ने घर परिवार नहीं देश और समाज के हालात पर चिंता जाहिर की है बढ़ते प्रदूषण और बढ़ती जनसंख्या जैसे मुद्दे उठाकर प्रधानमंत्री से समाधान की उम्मीद जताई परिचय आंचल का आखरी खत प्रधानमंत्री तक हर हाल में पहुंचने की बात कह रहे हैं आंचल ने सुसाइड नोट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए लिखा है कि देश में कई पीएम हुए पर माननीय प्रधानमंत्री जी आप जैसा कोई नहीं मेरे ह्रदय में आपके लिए अत्याधिक सम्मान है काश मैं अपनी उम्र आपको दे पाती आप में संस्कार को कुकर निवास करते हैं यह देश बरसों से अंधेरे में था और आप पहले सूर्य बनकर उभरे हैं प्रधानमंत्री जी मैं आपसे पर्सनल मीटिंग करना चाहती थी परंतु यह असंभव है क्योंकि आप खुद को ही समय नहीं दे पाते हो निरंतर देश की सेवा में लगे रहते हो श्री राम मंदिर का शिलान्यास होने को लेकर कहा बरसों से अधूरे पड़े कार्यों को अपने पूर्ण किया जय श्री राम परिस्थिति बड़ी अनमोल होती है क्योंकि कभी हम पार लगा देते हैं तो कभी डूओ देती हैं मैं निरंकार अर्थर शिव के निकास रूप से प्रार्थना करती हूं कि भारत को मजबूत बनाएं अमर बनाएं भारत को औषलिंक का देश है पर अब प्रदूषित हवा हर जगह फैला रहे हैं प्रधानमंत्री जी क्या आप मेरी इच्छा को पूर्ण करें सकेंगे।

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