दिल्ली

सरकार के कुप्रबंधन के कारण भारत आर्थिक समस्याओं का शिकारः तिवारी

सरकार के कुप्रबंधन के कारण भारत आर्थिक समस्याओं का शिकारः तिवारी

कांग्रेस का कहना है कि भारत में वर्तमान मंहगाई की ज़िम्मेदारी सरकार के कुप्रबंधन पर आती है।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि देश की मौजूदा ख़राब आर्थिक स्थति के पीछे केन्द्र सरकार का आठ वर्षों का कुप्रबंधन का हाथ है।

पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा कि कमर तोड़ मंहगाई से देश में ग़रीबी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस नेता का कहना था कि अर्थव्यवस्थाएं सामान्यतः कुछ बिंदुओं पर खड़ी होती हैं जैसे बचत, निवेश, उत्पादन, खपत और रोज़गार। मनीष तिवारी के अनुसार पिछले आठ वर्षों के दौरान इन सभी की स्थति कमज़ोर हुई है।

उनका कहना था कि इसकी शुरूआत 8 नवंबर सन 2016 को हुई जब देश की केन्द्र सरकार ने बिना कुछ सोचे-समझे नोटबंदी लागू कर दी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद भाजपा की केन्द्र सरकार ने जीएसटी लागू किया जिसके कारण दो लाख से अधिक उद्योग घंघे बंद हो गए। मनीश तिवारी ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी का बुरा असर रोज़गार पर पड़ा जो बढ़कर जून 2022 में 7.8 प्रतिशत हो चुकी है।

कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने बताया कि भारत में 77 प्रतिशत धन मात्र एक प्रतिशत लोगों के पास है। देश में अरब पतियों की संख्या बढ़कर 142 हो गई है जिसके मुक़ाबले में देश में निर्धनों की संख्या करोड़ों में पहुंच चुकी है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत के सबसे अमीर 92 लोगों के पास 55 करोड भारतवासियों के धन के बराबर संपत्ति है। मनीष कुमार ने कहा कि आज जोकुछ भी हो रहा है वह केन्द्र सरकार के पिछले 8 वर्षों के कुप्रबंधन के कारण है।

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