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SC का पत्रकार एरेन्ड्रो की तुरंत रिहाई का आदेश, FB पर लिखा था- गोमूत्र से कोरोना ठीक नहीं होता

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के राजनीतिक कार्यकर्ता की रिहाई का आदेश दिया, गोमूत्र पर कमेंट के लिए लगा था NSA

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के राजनीतिक कार्यकर्ता एरेन्ड्रो लेचोम्बम (Erendro Leichombam) की रिहाई आदेश जारी कर दिया. एरेन्ड्रो लेचोम्बम और एक स्थानीय पत्रकार किशोरचंद्र ने मई महीने में गोमूत्र और गोबर को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी की थी. उसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया था. इम्फाल वेस्ट जिले के जिलाधिकारी ने एरेन्ड्रो पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA भी लगा दिया था. लेकिन सोमवार 19 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के जज डीवाई चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली बेंच ने आदेश देते हुए कहा कि एरेन्ड्रो लेचोम्बम को तुरंत रिहा किया जाए. उनके वकील शादान फरासत की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने सोमवार की शाम 5 बजे से पहले एरेन्ड्रो को रिलीज करने को कहा है. इसके लिए मणिपुर के राजनीतिक कार्यकर्ता को एक हजार रुपये का बॉन्ड भरना होगा.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि इस मामले की सुनवाई को मंगलवार 20 जुलाई तक के लिए टाल दिया जाए. इस पर बेंच ने कहा,

‘हम मानते हैं कि याचिकाकर्ता को कारावास में और रखना जीने और स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन होगा. हम कोर्ट के अंतरिम आदेश के रूप में उनकी रिहाई का निर्देश देते हैं.’

एरेन्ड्रो के पिता एल रघुमणि सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका दायर की थी. उनका कहना था कि एरेन्ड्रो का मामला ऐसा नहीं था कि उन पर NSA लगाया जाए. रघुमणि का दावा है कि NSA का इस्तेमाल केवल इसलिए किया गया ताकि एरेन्ड्रो को बेल ना मिल सके और कानून की आड़ में उन्हें परेशान किया जाए.

क्या हुआ था?

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान मणिपुर बीजेपी के अध्यक्ष प्रोफेसर टिकेंद्र सिंह ने कोविड संक्रमण के इलाज को लेकर एक दावा किया था. वे कह रहे थे कि गोमूत्र और गोबर से कोविड-19 का इलाज होता है. बाद में वे खुद वायरस की चपेट में आए और 13 मई 2021 को उनका निधन हो गया. उसी दिन मणिपुर के एरेन्ड्रो लेचोम्बम और एक स्थानीय पत्रकार किशोरचंद्र ने गाय के गोबर और पेशाब को लेकर किए जा रह दावे पर एक जैसे पोस्ट कर दिए.
13 मई को किए पोस्ट में एरेन्ड्रो ने लिखा था,

👉 *‘गाय का गोबर और पेशाब कोविड का इलाज नहीं है. विज्ञान और सामान्य समझ से इसका इलाज होगा प्रोफेसर जी.’*

फेसबुक पर ये लिखना एरेन्ड्रो के लिए मुसीबत बन गया. मणिपुर बीजेपी के नेता उनसे नाराज हो गए और उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी. एरेन्ड्रो लेचोम्बम को 13 मई को ही हिरासत में ले लिया गया. चार दिन बाद 17 मई 2021 को स्थानीय अदालत ने एरेन्ड्रो को बेल दे दी. लेकिन इम्फाल वेस्ट जिले के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने एरेन्ड्रो को नेशनल सिक्यॉरिटी ऐक्ट के तहत डिटेन कर लिया.

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