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शिक्षा के मंदिर में कराया जा रहा है बाल श्रम ,शिक्षक ही बच्चों के भविष्य के साथ कर रहे खिलवाड़

मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र के प्राइमरी विद्यालय गणेशपुर गांव का है जिसमें बच्चों से पाठशाला में पढ़ाई से पहले उनसे साफ-सफाई झाड़ू का कार्य कराया जा रहा है, पाठशाला में बच्चों से उठाए जाते हैं कुर्सी मेज । जिसके तस्वीर है आप खुद देख सकते हैं कि बच्चे किस तरह से टीचर के आने से पहले स्कूल में साफ सफाई का काम कर रहे हैं । और बच्चे खुद बोल रहे हैं कि मास्टर जी आने वाले हैं लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि 9:00 बज जाते हैं लेकिन मास्टर जी का स्कूल में कोई पता नही वहां की प्रिंसिपल सरोजिनी आर्य वहां पर दबंगई से स्कूल चलाती है और
स्कूल में बचपन से शिक्षक ही बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं ।


प्राइमरी पाठशाला में बच्चों से बाल श्रम कराया जा रहा है यहां पर कोई भी सुविधा बच्चों को नहीं दी जा रही है इसी के साथ बच्चों को डांट कर बालश्रम करवाया जाता है शिक्षिकाएं खुद 11:00 बजे स्कूल आती है प्रधानाध्यापिका के द्वारा बच्चों से चाय के बर्तन साफ कराने का मामला भी सामने आया है बच्चों के वजन से ज्यादा वजन की कुर्सी मेज उठवाए जाते हैं शिक्षिकाएं तो लग्जरी गाड़ी से आती है लेकिन बच्चों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है ग्रामीणों की शिकायत करने पर प्रधानाध्यापिका ने अपने पति की धमकी देते हुए कहा मेरे पति राज्यसभा में कार्यरत हैं। में किसी से नहीं डरती हूं और ना ही भारत के कानून से। यह प्रिंसिपल बार-बार अपने पति के राज्यसभा में कार्यरत होने की धमकी दे रही है और गांव वालों का कहना है कि हमारी किसी भी बच्चे की समस्या को लेकर अगर हम जाए तो उल्टा हमें ही वहां से डांट डपट कर भगा देती है इसी बीच देखते हुए यहां के लोग भी उस शिक्षिका के खिलाफ जाने के लिए भी तैयार नहीं है वह खुद अपने पति की धमकी देते हुए उनसे कहा कि देख लेंगे तुम मेरा क्या बिगाड़ लेगा ।

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