अन्तर्राष्ट्रीय

तीन घंटे तक चली रईसी-पुतीन मुलाक़ात में क्या बातें हुईं? ब्योरा दिया ईरान के विदेश मंत्री ने

तीन घंटे तक चली रईसी-पुतीन मुलाक़ात में क्या बातें हुईं? ब्योरा दिया ईरान के विदेश मंत्री नेबुधवार को मास्को की यात्रा पर पहुंचे इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी की रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन से तीन घंटे की लंबी मुलाक़ात हुई।

इस मुलाक़ात के बारे में पहले से ही ख़बरें आने लगी थीं कि बहुत महत्वपूर्ण है और रूस में ईरान के रादजूत काज़िम जलाली ने कहा था कि इस मुलाक़ात की समयसीमा तय नहीं की गई क्योंकि इसके लंबा खिंचने की संभावना पहले से थी।

मास्को यात्रा पर राष्ट्रपति रईसी के साथ मौजूद ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की मुलाक़ात के बारे में बताया कि दोनों राष्ट्रपतियों ने अपने अपने विदेश मत्रियों को ज़िम्मेदारी सौंपी है कि वे बीस वर्षीय सहयोग का रोडमैप तैयार करें।

उल्लेखनीय है कि ईरान और चीन के बीच पहले ही 25 वर्षीय स्ट्रैटेजिक सहयोग का समझौता विश्व स्तर पर चर्चा का केन्द्र बन चुका है।

विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियान ने मास्को से ईरान के टीवी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बताया कि कोरोना महामारी के कारण हालात असामान्य हैं लेकिन इसके बावजूद गाइडलाइनों पर अमल करते हुए दोनों राष्ट्रपतियों की मुलाक़ात तीन घंटे से भी ज़्यादा देर तक जारी रही जिसमें बेहद महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

अमीर अब्दुल्लाहियान ने बताया कि वार्ता का माहौल बड़ा दोस्ताना था और दोनों ओर से बड़ी गर्मजोशी नज़र आई जबकि मुलाक़ात में राजनैतिक, रणनैतिक, आर्थिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और निजी सेक्टर सहित उन सभी मुद्दों पर बड़ी उपयोगी वार्ता हुई जिनमें दोनों देशों की दिलचस्पी है।

विदेश मंत्री ने बताया कि बीस वर्षीय सहयोग के दस्तावेज़ के संदर्भ में गुरुवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ से उनकी मुलाक़ात होगी जिसमें कार्य योजनाओं का जायज़ा लिया जाएगा।

अमीर अब्दुल्लाहियान ने बताया कि राष्ट्रपतियों की मुलाक़ात में क्षेत्रीय विषयों और परिवर्तनों पर विस्तार से बातचीत हुई और यमन संकट को राजनैतिक मार्गों से हल करने पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोनोपोली का मुक़ाबला किए जाने पर ज़ोर दिया साथ ही वियेना में पाबंदियां हटवाने के विषय पर जारी वार्ता के बारे में भी बड़े सटीक ढंग से विचारों का आदान प्रदान हुआ।

विदेश मंत्री अब्दुल्लाहियान ने कहा कि हम अपनी विदेश नीति में पूरी तरह स्वाधीन रहते हुए पूरब या पश्चिम किसी के दबाव में नहीं आएंगे जबकि पूरब और पश्चिम दोनों से अपना सहयोग बढ़ाएंगे।

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