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टीआरपी के खेल को लेकर बोले मुरादाबाद के समाजवादी पार्टी के सांसद डॉक्टर एसटी हसन देश में माहौल बिगाड़ने वाले चैनलों का जनता को बाय काट करना चाहिए।

रिपोर्ट:-शारिक सिद्दीकी

 

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से समाजवादी सांसद डॉ एसटी हसन ने टीआरपी के खेल पर बोलते हुए कहा ऐसे चैनलों का बाय काट कर देना चाहिए जो सिर्फ अपनी टीआरपी के लिए देश में भाई को भाई से लड़ा रहे हैं, और कभी तो इन्हें अपनी टीआरपी के लिए सुशांत की मौत का तमाशा तक बना दिया, पता नहीं मरने वाले ने किस परिस्थितियों में मौत हुई है, लेकिन सिर्फ अपनी टीआरपी के लिए चैनल पर तो पूरे दिन उसका ढोल बजाया, और इस तरहा ही कोरोना महामारी को भी कोरोना जिहाद का नाम दिया था, लेकिन फिर क्या हुआ सच्चाई सबके सामने आई और टीआरपी का खेल भी अब देश के सामने आ गया है अब जनता को ऐसे चैनलों का बाय काट कर देना चाहिए।

टीआरपी के खेल में बोले मुरादाबाद के सांसद डॉक्टर एसटी हसन, डॉक्टर एसटी हसन का कहना है इस वक्त हमारे लिए बड़ी बदकिस्मती की बात है, जो देश का चौथा स्तंभ मीडिया कहलाया जाता है,अब हमारे देश की मीडिया की विश्ववसनीय खत्म सी हो गई है, अगर हमें किसी भी खबर की खोज करनी होती है, तो हम लोग इंटरनेशनल मीडिया न्यूज़ पर ख़बर देखा करते है,यह हमारे देश के लिए बड़ी बद क़िस्मती की बात है, पता नहीं एक इंसान ने किस परिस्थितियों में किस हालात में खुदकुशी कर ली और उसका मीडिया ने इतना ढोल बजाया गया है,गाने बाजे के साथ सिर्फ टीआरपी के चक्कर में, और जो सच्चाई अब हम लोगों के सामने आई है, जो मुबई पुलिस कमिश्नर कह रहे हैं, इससे घिनौनी बात क्या हो सकती है, जो चैनलों की पैसे दे-दे कर टीआरपी बड़वाई जा रही है, ऐसे चैनलों का जनता को बहिष्कार कर देना चाहिए,ऐसे चैनल जनता को सिर्फ मिसगाइड कर रहे हैं, यह किसी एक की बात नहीं है, के रिया चक्रवर्ती के साथ क्या हो गया, जैसे कि यह लोग अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए कभी कोरोना को कोरोना-जिहाद का लफ़्ज़ आजाता है सिर्फ टीआरपी के लिए, कहीं डेमोलिस्टेड करने की बात करते तो कभी इंसानों को बांटने की बात करते हैं, हमारी तहजीब को खत्म करने की बात करते हैं, और इसके साथ-साथ यह भी जांच करनी चाहिए कौन सा चैनल कौन सी पार्टी चला रही है, फिर एक बात कहूंगा के जनरलिज्म खत्म हो गया है।

हाथरस में हुई घटना को लेकर मुरादाबाद डॉ एस टी हसन का कहना है, देखिए फिर बात वही चैनल्स किया गई एक अपराध हुआ है और घिनौना अपराध हुआ है कानून व्यवस्था पूरी तरीके से फेल हो गई अब उसमें दूसरा रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है, और बदकिस्मत यह है, कि कुछ चैनल भी इन में टीआरपी के खेल के लिए इन्वॉल्व हो गए जो लोगों का माइंड डाइवर्ट कर रहे हैं अब लोग यह भूल चुके हैं कि उस गुड़िया के साथ क्या हुआ था, सिर्फ सब लोगों पर यह दिमाग में यह आ गया केस में फंडिंग हो गई दंगा कराने की साजिश थी लेकिन साबित फिर भी कुछ नहीं हो रहा है, बाकी अगर सबूत सामने ले आए और साबित हो जाए लेकिन किसी को मरतोड़के यह साबित नहीं कराएं ना तो इस तरीके की चाहत होनी चाहिए और ना ही इस तरीके की पत्रकारिता होनी चाहिए।


भले ही कुछ चैनल अपनी फर्जी टीआरपी के लिए पैसे दे रहे हो,लेकिन यह लोग यह नहीं जानते देश में कभी भी भाई को भाई से नहीं लड़ाया जा सकता हमारे देश की तहज़ीब खत्म करने की कितनी भी कोशिश की जाए लेकिन वो तहजीब कभी खत्म नहीं होती, सुशांत सिंह और रिया चक्रवर्ती वाले प्रकरण में फर्जी टीआरपी के लिए ढोल बजाए गए थे,लेकिन आज सच्चाई सबके सामने हैं, कोरोना को भी कोरोना जिहाद का नाम देकर एक विशेष तबके पर आरोप लगाया गया था, वह भी सच्चाई पूरे देश के सामने हैं, हमारे देश में भले ही लोग अपनी फर्जी टीआरपी के लिए कुछ भी दिखा सकते है लेकिन देश की जनता सच्चाई जानती है,और देश की जनता को ऐसे लोगों का बाय कट करने में देर नहीं लगानी चाहिए।

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