उत्तराखंड

उत्तराखंड राजनीति मे हलचल- सपा और आप का दावा, CONG – BJP के कई वरिष्ठ नेता संपर्क मे…

देहरादून: राजनीति मे ऊंट किस करवट बैठ जाये कुछ कहा नहीं जा सकता जिसका जीता जागता उदाहरण उत्तरप्रदेश की राजनीति मे भी देखने को मिला जहां योगी के मंत्री बीजेपी छोड़ सपा की ओर हो लिये । बात अगर उत्तराखंड की करें तो उत्तराखंड मे भी भाजपा पिछले चुनाव मे सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और बीजेपी के 57 विधायक 2017 मे जीतकर आये थे। लेकिन 2022 का चुनाव आते आते उत्तराखंड मे भी बीजेपी से कई विधायक कांग्रेस मे जा चुके हैं और कई और के जाने की चर्चाए ज़ोरों पर हैं । ऐसा नहीं है की सिर्फ कांग्रेस ने ही बीजेपी मे सेंधमारी की है बल्कि बीजेपी भी कई कांग्रेसियों को अपने पाले मे ले चुकी है।

बात सिर्फ कांग्रेस और बीजेपी तक ही सीमित नहीं है यहाँ तीसरे और चौथे दल के रूप मे उभर रही आप और सपा भी ये दावा कर रही है की उनके संपर्क मे बीजेपी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता हैं जो उनकी पार्टी मे शामिल होने वाले हैं। सपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सत्यनारायण सचान का कहना है की हम यूपी की तर्ज पर उत्तराखंड मे भी धमाल मचाने वाले हैं। आपको बताते चलें की हाल ही मे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी अखिलेश यादव से लखनऊ पहुँचकर मुलाकात भी की थी जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।
वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है की समाजवादी पार्टी का उत्तराखंड मे कोई अस्तित्व नहीं है। न ही उनके संपर्क मे कोई बीजेपी कांग्रेस का कोई नेता है। बल्कि हमारे यानि “आप” के संपर्क मे कई विधायक हैं जो बहुत जल्द उत्तराखंड मे आम आदमी पार्टी का दामन थामेंगे। बीजेपी का कहना है की आप और सपा जिनका उत्तराखंड मे कोई अस्तित्व नहीं है वो अगर हमारे नेताओं के समपर्क मे होने का दावा कर रही है तो ये हास्यस्पद बात है जो कतई सच नहीं है । बीजेपी का कहना है की दोनों पार्टियां हल्की लोकप्रियता पाने के लिए ऐसे बयान दे रही हैं हम 2022 मे 60 के पार होने जा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है की सपा का उत्तराखंड मे कोई अस्तित्व नहीं और आप पहली बार उत्तराखंड मे अपनी किस्मत आजमा रही है तो क्यों दोनों पार्टियों मे कोई नेता जाएगा जबकि इस बार पूरा माहौल कांग्रेस के फ़ेवर मे है तो इन दोनों ही पारियों का बयान हास्यस्पद है।

लेकिन ये तो वक्त बताएगा की सपा और आप का ये दावा सच्चा है या सिर्फ बीजेपी कांग्रेस को टेंशन मे लाने की कोई चाल है। लेकिन ये राजनीति है यहाँ कुछ भी हो सकता है। उत्तराखंड मे एक दौर वो था जब समाजवादी पार्टी के विधायक भी जीतकर आते थे और अपनी अहम भूमिका निभाते थे।

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